शील गांव हादसा : चलौंठी श्मशानघाट में एक साथ जलीं 4 चिताएं, हर आंख हुई नम
दर्दनाक हादसे में मां-बेटी समेत चार लोगों की मौत के बाद बुधवार को शवों का चलौंठी में दाह संस्कार किया गया। श्मशानघाट में एक साथ चार चिताएं जलती देखकर हर किसी की आंख नम थीं।
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शोघी-आनंदपुर-मैहली बाईपास में शील गांव के पास हुए दर्दनाक हादसे में मां-बेटी समेत चार लोगों की मौत के बाद बुधवार को शवों का चलौंठी में दाह संस्कार किया गया। श्मशानघाट में एक साथ चार चिताएं जलती देखकर हर किसी की आंख नम थीं। इससे पहले आईजीएमसी में बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद शवों को परिजनों के सुपुर्द किया गया। इसके बाद चलौंठी श्मशानघाट में चारों शवों का अंतिम संस्कार किया गया। रूपा सूर्यवंशी (45) पत्नी भगवान दास और प्रगति (15) पुत्री भगवान दास मां-बेटी थीं जबकि मुकुल (10) पुत्र हेतराम निवासी जानकी निवास नवबहार रूपा सूर्यवंशी का भांजा था और उनके पास ही रहकर पढ़ाई करता था। जय सिंह नेगी (40) पुत्र पद्मदेव नेगी निवासी अंबिका कॉटेज ओमकार लॉज संजौली के रहने वाले थे जिनकी भी इस सड़क हादसे में मौत हो गई थी। पुलिस के मुताबिक हादसा इतना भयावह था कि मौके पर पहुंचे कर्मचारी और स्थानीय लोग भी इसे देखकर कांप उठे।
खड़ी ढांक होने से पहले तो पुलिस के लिए घटनास्थल पर पहुंचना मुश्किल था वहीं इसके बाद शवों को निकालना चुनौतीपूर्ण कार्य था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक गाड़ी नाले में पलटकर गिरी थी जिस वजह से शवों को निकालने में भी दिक्कतें आईं। स्थानीय लोगों और पुलिस ने झब्बल से किसी तरह गाड़ी को सीधा किया और इसके बाद शवों को निकाला गया। इसको देखते हुए एसडीआरएफ (स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स) और अग्निशमन कर्मियों की मदद ली गई। सड़क के लिए कोई रास्ता नहीं होने से स्ट्रेचर को रस्सी से बांधकर इसमें शवों को रखकर सड़क तक पहुंचाया गया। इस वजह से आधी रात तक शवों को निकालने का कार्य चलता रहा। गौरतलब है कि मंगलवार रात उस समय हादसा पेश आया जब शोघी की तरफ से वाहन में सवार लोग मैहली की तरफ आ रहे थे। इस दौरान शील गांव में लालपानी पुल के पास गाड़ी अनियंत्रित होकर 100 फुट नीचे ढांक में जा गिरी। इस हादसे में वाहन में सवार चारों लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी।