हिमाचल विधानसभा सत्र: सदन में इस मामले पर भिड़े पक्ष-विपक्ष
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच वीरवार को शीत सत्र के चौथे दिन भी तनातनी जारी रही। चौथे दिन प्रश्नकाल के बाद दोनों पक्षों के बीच कार्यवाही में समय न मिलने, विपक्ष द्वारा सत्तापक्ष के विधायकों के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग करने जैसे मुद्दों पर जुबानी जंग इतनी तेज हुई कि विधानसभा की कार्यवाही को 25 मिनट स्थगित करना पड़ा।
साढ़े बारह बजे दोबारा कार्यवाही शुरू हुई तो मुकेश अग्निहोत्री ने मुख्यमंत्री की टिप्पणी के चलते नेता प्रतिपक्ष की नोटिफिकेशन वापस लेने की बात कह दी। हालांकि इसके बाद मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सफाई देकर मामला शांत करा दिया। कोर्ट में विचाराधीन मसले पर लगे प्रश्न पर नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने सवाल उठाया तो विधानसभा अध्यक्ष ने उस पर चर्चा रोक दी। गया।
आपत्ति जताते ही कांग्रेसी विधायकों ने हंगामा शुरू कर दिया
प्रश्नकाल खत्म होते ही नूरपुर से विधायक राकेश पठानिया ने प्वाइंट आफ ऑर्डर मांगा और बुधवार को विपक्ष के आसन के खिलाफ नारेबाजी व गलत व्यवहार पर आपत्ति जताई। राकेश के आपत्ति जताते ही कांग्रेसी विधायकों ने हंगामा शुरू कर दिया।
सत्तापक्ष के सभी विधायकों ने भी राकेश का साथ देते हुए कांग्रेस विधायकों के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। विधानसभा अध्यक्ष डा. राजीव बिंदल ने दोनों पक्षों को शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन बात न बनने पर उन्होंने साढ़े बारह बजे तक कार्यवाही स्थगित कर दी।
दोबारा जब सदन की कार्यवाही शुरू हुई तो नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने कुछ विधायकों के लिए आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग कर दिया। मुुकेश ने कहा कि मुख्यमंत्री लगातार ऐसे बयान दे रहे हैं जिससे लग रहा है
कि नेता प्रतिपक्ष का ओहदा देकर उन्होंने एहसान किया है। अगर सरकार इस पद के नाम पर विपक्ष की आवाज दबाना चाहती है तो वह अपना पद वापस ले सकती है।
घाटे में डूबी सरकार ने खरीदी साढ़े तीन करोड़ की गाड़ियां
घाटे में चल रही प्रदेश सरकार ने अपनी ठाठ के लिए पिछले एक साल में करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये के नए वाहन खरीदे हैं। इसमें शिक्षा बोर्ड में करीब 35 लाख रुपये में फॉर्च्यूनर खरीदी गई है।
शिलाई के विधायक हर्षवर्धन चौहान के सवाल के लिखित जवाब में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने बताया कि पिछले एक साल में 12 नए वाहन खरीदे गए हैं। इसके लिए सरकार ने तीन करोड़ और 47 लाख 99 हजार 712 रुपये खर्च किए हैं।
इसमें सामान्य प्रशासन विभाग 31 लाख 17 हजार 527 रुपये की एक फॉर्च्यूनर, 1,89,90,348 रुपये की छह फॉर्च्यूनर, जिसमें एक की कीमत 31,65,058 रुपये, 35,81,554 रुपये की शिक्षा
बोर्ड की फॉर्च्यूनर 35,81,554, नागरिक आपूर्ति निगम की 21,84,382, बिजली निगम 23,02,233 रुपये की इनोवा क्रिस्टा, बिजली बोर्ड ने 32,60,231 रुपये की फॉर्ड, नगर निगम शिमला ने 13,63,437 रुपये की स्कॉर्पियो खरीदी है।