हिमाचल: शारदीय नवरात्र आज से, जानें शक्तिपीठों के खुलने का समय
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कोरोना काल में श्रद्धालुओं के लिए खोले शक्तिपीठों और मंदिरों में शनिवार से शारदीय नवरात्र शुरू हो रहे हैं। महामारी के प्रकोप के बीच रोजाना हजारों श्रद्धालु देवियों के दर्शन के लिए पहुंचेंगे। नवरात्र के लिए शक्तिपीठ फूलों और लाइटों से सजा दिए गए हैं। पूरे मंदिर परिसर सैनिटाइज किए जा रहे हैं। प्रसिद्ध शक्तिपीठ नयनादेवी में दिन-रात 22 घंटे और चिंतपूर्णी में 18 घंटों तक मंदिरों के कपाट खुले रहेंगे।
हालांकि, कोरोना के चलते मुख्य पिंडी में चंद सेकंड ही दर्शन के लिए श्रद्धालु रुक पाएंगे। तड़के ही मंदिरों के बाहर कतारें लगनी शुरू हो जाएंगी। इस दौरान कोविड नियमों का सख्ती से पालन करना होगा। मंदिरों में न घंटियां बजेंगी न प्रसाद बंटेगा। भजन-कीर्तन, नारियल चढ़ाने और लंगर लगाने पर रोक होगी। बता दें कि कोरोना के चलते श्रावण अष्टमी मेलों में मंदिर बंद ही रहे थे।
बीमार, बुजुर्ग और बच्चे आने से करें परहेज
उपायुक्तों और मंदिर अधिकारियों ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि बीमार, बुजुर्ग और बच्चे नवरात्र के दौरान मंदिर न आएं। साथ ही किसी भी व्यक्ति में अगर खांसी, जुकाम, बुखार या सांस लेने में दिक्कत जैसे लक्षण हैं तो वे भी आने से परहेज करें। लक्षण दिखने वाले व्यक्तियों को आइसोलेट किया जाएगा।
शक्तिपीठ कपाट खुलने/बंद रहने का समय
मां नयनादेवी रात 12 से 2 बजे ही बंद रहेंगे कपाट
मां चिंतपूर्णी सुबह पांच से रात 11 बजे तक दर्शन
मां ज्वालाजी सुबह 6 से रात 10 बजे तक होंगे दर्शन
मां बज्रेश्वरी सुबह 5 से रात 9:30 बजे तक होंगे दर्शन
मां चामुंडा सुबह 6 से रात 9 बजे तक होंगे दर्शन
शक्तिपीठों में आरती और देवियों को भोग का समय
ज्वालामुखी मंदिर में पूरे दिन में 5 बार आरती होगी। सुबह 5 से ब्रह्म मुहूर्त में पहली आरती होगी। इसमें मालपुआ, खोआ, मिसरी का भोग लगेगा। एक घंटे बाद दूसरी आरती होगी। इसमें पीले चावल और दही का भोग लगेगा। तीसरी आरती दोपहर 12 बजे होगी। इसमें चावल, छह मिश्रित दालों और मिठाई का भोग लगेगा। चौथी आरती सायंकाल 7 बजे होगी।
इसमें पूरी, चना और हलवे का भोग लगेगा। रात 9:30 बजे शयन आरती होगी। चामुंडा मंदिर में तीन पहर की आरती होगी। पहली आरती सुबह 8 बजे, दूसरी शाम 4 बजे और तीसरी आरती शाम 6 बजे होगी। सुबह की आरती में मां को हलवे और चने का भोग लगेगा। दोपहर 12 बजे खीर, चावल, सब्जियों का भोग और शाम को आरती के उपरांत पूरी और सब्जियों का भोग लगेगा। बज्रेश्वरी मंदिर में आरती सुबह साढ़े छह और शाम सात बजे होगी।
आरती में मां को पूरी और चने का भोग लगेगा। चिंतपूर्णी मंदिर में सुबह पांच बजे पूजा, आरती, स्नान, भोग और कंजक पूजन होगा। दोपहर 12 से 12:30 बजे माता को भोग लगेगा। सायं 7 बजे पूजा, स्नान, भोग, आरती और कंजक पूजन होगा। मां नयना देवी की चार बार आरती होगी।
ऑन डिमांड शक्तिपीठों के लिए चलेंगी बसें
नवरात्र पर हिमाचल पथ परिवहन निगम शक्तिपीठों के लिए ऑन डिमांड बसें चलाएगा। इसके लिए लोगों को परिवहन निगम की ऑनलाइन साइट पर आवेदन करना होगा। हालांकि, परिवहन निगम ने बाहरी राज्यों के लिए बस सेवा शुरू की है, लेकिन अगर कोई ग्रुप शक्तिपीठों में देवी-देवताओं के दर्शन के लिए जाना चाहता है तो इसके लिए परिवहन निगम ने बसें आरक्षित रखी हैं। हिमाचल से बाहरी राज्यों के लिए 150 रूट बहाल किए हैं।
इन बसों में 70 फीसदी ऑक्यूपेंसी चल रही है। परिवहन निगम अभी दिल्ली के बसें चलाने के मूड में नहीं है। दिल्ली में कोरोना ने विकराल रूप धारण किया है, ऐसे में लोगों को बस सेवा के लिए इंतजार करना पड़ेगा। डीएम ट्रैफिक पंकज सिंघल ने बताया कि हिमाचल से बाहरी राज्यों के लिए बसें चलाई गई हैं। सभी रूटों पर 70 फीसदी ऑक्यूपेंसी चल रही है। ऑन डिमांड शक्तिपीठों के लिए बसें चलाई जानी हैं।