शारदीय नवरात्र आज से, सज गए मां के द्वार, श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़
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हिमाचल की पांच शक्तिपीठों में बुधवार से शारदीय नवरात्र शुरू हो रहे हैं। इस बार पहला और दूसरा नवरात्र एक ही दिन आ रहा है। मां ज्वालाजी, चिंतपूर्णी, नयनादेवी, मां चामुंडा और बज्रेश्वरी मंदिर को फूलों और आकर्षक लाइटों से सजाया गया है। अधिकतर मंदिरों में तड़के चार से छह बजे के बीच कपाट खुल जाएंगे।
मंदिरों में नवरात्र के दौरान चार पहर की आरती होगी। मां चामुंडा को छप्पन भोग लगाए जाते हैं। चिंतपूर्णी मंदिर में माता को सुबह 4 बजे स्नान, शृंगार और उसके बाद कंजक पूजन के साथ-साथ भोग लगाया जाएगा। आधी रात को दो घंटे के ब्रेक के बाद फिर 2 बजे मंदिर के कपाट खुल जाएंगे।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। कांगड़ा मंदिर में दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए व्हील चेयर की व्यवस्था की गई है। वे लाइनों में नहीं लगेंगे। नारियल पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। डिस्पोजेबल मैटीरियल व सड़कों पर लंगर बांटने पर भी पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। श्रीनयना देवी मंदिर सुबह 2 से रात 12 बजे भक्तों के लिए खुला रहेगा।
बज्रेश्वरी मंदिर
- नवरात्र में मंदिर के कपाट सुबह पांच बजे से खुलेंगे
- सप्तमी, अष्टमी और नवमी पर तड़के दो बजे से दर्शन
- चार पहर की आरती होगी
चामुंडा मंदिर
सुबह छह बजे खोले जाएंगे कपाट
सुबह आठ और सायं सात बजे आरती
मंदिर में सुरक्षा के लिए कुल 71 कर्मचारी तैनात
ज्वालाजी मंदिर
सुबह पांच बजे कपाट खोले जाएंगे
सप्तमी, अष्टमी और नवमी पर मंदिर दो बजे खुलेगा
मंदिर में 300 सुरक्षा कर्मी तैनात किए
चिंतपूर्णी मंदिर
कंजक पूजन के बाद होंगे मां के दर्शन
रात 2 बजे खुल जाएंगे मंदिर के कपाट
सीसीटीवी कैमरों से होगी मंदिर की सुरक्षा
श्रीनयना देवी
मंदिर सुबह 2 से रात 12 बजे खुला रहेगा
नवरात्र में छोटे वाहन गुफा के पास आ सकेंगे
सुबह 8 से शाम 7 बजे तक रज्जू मार्ग चलेगा
400 पुलिस कर्मियों के साथ होमगार्ड्स रहेंगे तैनात
मंदिर परिसर 9 सेक्टरों में विभाजित किया गया है