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Shimla News: वृद्धि के खिलाफ वीसी कार्यालय के बाहर एसएफआई का प्रदर्शन
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छात्रों ने विवि प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी
प्रवेशद्वार बंद करने से विद्यार्थी सभागार में नहीं कर पाए प्रवेश
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला में फीस वृद्धि और छात्रों की अन्य मांगों को लेकर एसएफआई ने बुधवार को विवि परिसर में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन सुबह 10:30 बजे वीसी कार्यालय के बाहर शुरू हुआ और दोपहर 12:30 बजे तक जारी रहा।
छात्र लगातार नारेबाजी करते हुए वीसी कार्यालय के बाहर डटे रहे। प्रदर्शन के दौरान पुलिस बल भी मौके पर मौजूद रहा। पुलिस ने सभागार की ओर जाने वाले सभी प्रवेशद्वार बंद कर दिए हैं। इससे विश्वविद्यालय सभागार में अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस पर युवा बचाओ अभियान के तहत विशेष कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे विद्यार्थी सभागार में प्रवेश नहीं कर सके। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने शिक्षा है हम आप की और फीस के खिलाफ हल्का बोल जैसे नारे लगाए। छात्रों ने इसी वीसी मुरादाबाद का नारा भी लगाया। फीस वृद्धि को लेकर छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि कार्यक्रम में कुलपति को मुख्य अतिथि के तौर पर मौजूद रहना था। इसके बावजूद वह कार्यक्रम में नहीं पहुंचे। एसएफआई ने आरोप लगाया कि प्रशासन छात्रों के प्रदर्शन को दबाने की कोशिश कर रहा है। छात्रों ने विश्वविद्यालय का समय सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक करने को भी इसी कोशिश से जोड़ा। प्रदर्शन में कैंपस अध्यक्ष आशीष चौहान और कैंपस सचिव मुकेश राणा मौजूद रहे। छात्रों ने कुलपति से तत्काल मुलाकात की मांग की।
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एसएफआई की प्रमुख मांगें
एसएफआई ने फीस वृद्धि वापस लेने और छात्र केंद्रीय संघ चुनाव बहाल करने की मांग की। भर्ती प्रक्रिया की स्वतंत्र न्यायिक जांच और चयनित अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्रों के सत्यापन की मांग रखी। यूजीसी नियमों के पालन की जांच और ईडब्ल्यूएस तथा ओबीसी प्रमाणपत्रों की वैधता जांचने को कहा। कैग टिप्पणियों पर कार्रवाई और जिम्मेदारी तय करने की मांग भी उठाई। 10 बजे से 5 बजे तक की नई समयसारिणी वापस लेने की मांग की गई।
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प्रवेशद्वार बंद करने से विद्यार्थी सभागार में नहीं कर पाए प्रवेश
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला में फीस वृद्धि और छात्रों की अन्य मांगों को लेकर एसएफआई ने बुधवार को विवि परिसर में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन सुबह 10:30 बजे वीसी कार्यालय के बाहर शुरू हुआ और दोपहर 12:30 बजे तक जारी रहा।
छात्र लगातार नारेबाजी करते हुए वीसी कार्यालय के बाहर डटे रहे। प्रदर्शन के दौरान पुलिस बल भी मौके पर मौजूद रहा। पुलिस ने सभागार की ओर जाने वाले सभी प्रवेशद्वार बंद कर दिए हैं। इससे विश्वविद्यालय सभागार में अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस पर युवा बचाओ अभियान के तहत विशेष कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे विद्यार्थी सभागार में प्रवेश नहीं कर सके। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने शिक्षा है हम आप की और फीस के खिलाफ हल्का बोल जैसे नारे लगाए। छात्रों ने इसी वीसी मुरादाबाद का नारा भी लगाया। फीस वृद्धि को लेकर छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की।
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प्रदर्शनकारियों ने कहा कि कार्यक्रम में कुलपति को मुख्य अतिथि के तौर पर मौजूद रहना था। इसके बावजूद वह कार्यक्रम में नहीं पहुंचे। एसएफआई ने आरोप लगाया कि प्रशासन छात्रों के प्रदर्शन को दबाने की कोशिश कर रहा है। छात्रों ने विश्वविद्यालय का समय सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक करने को भी इसी कोशिश से जोड़ा। प्रदर्शन में कैंपस अध्यक्ष आशीष चौहान और कैंपस सचिव मुकेश राणा मौजूद रहे। छात्रों ने कुलपति से तत्काल मुलाकात की मांग की।
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एसएफआई की प्रमुख मांगें
एसएफआई ने फीस वृद्धि वापस लेने और छात्र केंद्रीय संघ चुनाव बहाल करने की मांग की। भर्ती प्रक्रिया की स्वतंत्र न्यायिक जांच और चयनित अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्रों के सत्यापन की मांग रखी। यूजीसी नियमों के पालन की जांच और ईडब्ल्यूएस तथा ओबीसी प्रमाणपत्रों की वैधता जांचने को कहा। कैग टिप्पणियों पर कार्रवाई और जिम्मेदारी तय करने की मांग भी उठाई। 10 बजे से 5 बजे तक की नई समयसारिणी वापस लेने की मांग की गई।