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पेयजल कंपनी के दफ्तर से गायब हो रहा सर्विस रिकॉर्ड
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कर्मचारियों ने महापौर से की शिकायत, बोले, कई कर्मियों की गायब हो गई थी सर्विस बुक
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी की पेयजल व्यवस्था का जिम्मा संभाल रही पेयजल कंपनी की अपनी व्यवस्था सवालों के घेरे में आ गई है। यहां तैनात कर्मचारियों का सर्विस रिकॉर्ड गायब हो रहा है। कंपनी की व्यवस्था से परेशान कर्मचारी सोमवार को मेयर सत्या कौंडल के पास पहुंच गए।
कर्मचारी फेडरेशन के अध्यक्ष संतराम कौशल और महासचिव बुद्धि सिंह की अगुुवाई में मेयर के पास पहुुंचे कर्मचारियों ने कहा कि उनका सर्विस रिकॉर्ड नगर निगम संभाले। कर्मचारियों ने बताया कि कंपनी में कुछ दिन पहले कई कर्मियों का रिकॉर्ड गायब हो गया। बाद में यह कचरे में पड़ा मिला। यह सब कंपनी प्रबंधन की लापरवाही से हो रहा है। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि कंपनी में नगर निगम के 152 कर्मचारी काम कर रहे हैं। लेकिन इनके सर्विस रिकॉर्ड को देखने के लिए कंपनी ने पुख्ता व्यवस्था तक नहीं की है।
पहले यह जिम्मा अधीक्षक को दिया था लेकिन अब अधीक्षक की भी छुट्टी कर दी है। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि कंपनी अहम पदों पर आउटसोर्स आधार पर रखे कर्मचारियों को तैनात कर रही है। आउटसोर्स को तो प्रमोशन मिलती है लेकिन सरकारी कर्मचारियों को कोई प्रमोशन नहीं दी जा रही। मेयर सत्या कौंडल ने कहा कि इस मामले को कंपनी अधिकारियों के समक्ष रखा जाएगा। मुख्य सचिव के पास बीओडी में भी इस मामले को उठाएंगे।
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शिमला। राजधानी की पेयजल व्यवस्था का जिम्मा संभाल रही पेयजल कंपनी की अपनी व्यवस्था सवालों के घेरे में आ गई है। यहां तैनात कर्मचारियों का सर्विस रिकॉर्ड गायब हो रहा है। कंपनी की व्यवस्था से परेशान कर्मचारी सोमवार को मेयर सत्या कौंडल के पास पहुंच गए।
कर्मचारी फेडरेशन के अध्यक्ष संतराम कौशल और महासचिव बुद्धि सिंह की अगुुवाई में मेयर के पास पहुुंचे कर्मचारियों ने कहा कि उनका सर्विस रिकॉर्ड नगर निगम संभाले। कर्मचारियों ने बताया कि कंपनी में कुछ दिन पहले कई कर्मियों का रिकॉर्ड गायब हो गया। बाद में यह कचरे में पड़ा मिला। यह सब कंपनी प्रबंधन की लापरवाही से हो रहा है। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि कंपनी में नगर निगम के 152 कर्मचारी काम कर रहे हैं। लेकिन इनके सर्विस रिकॉर्ड को देखने के लिए कंपनी ने पुख्ता व्यवस्था तक नहीं की है।
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पहले यह जिम्मा अधीक्षक को दिया था लेकिन अब अधीक्षक की भी छुट्टी कर दी है। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि कंपनी अहम पदों पर आउटसोर्स आधार पर रखे कर्मचारियों को तैनात कर रही है। आउटसोर्स को तो प्रमोशन मिलती है लेकिन सरकारी कर्मचारियों को कोई प्रमोशन नहीं दी जा रही। मेयर सत्या कौंडल ने कहा कि इस मामले को कंपनी अधिकारियों के समक्ष रखा जाएगा। मुख्य सचिव के पास बीओडी में भी इस मामले को उठाएंगे।
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