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शिमला समझौते के सौ साल पूरे, होगी संगोष्ठी
टीम डिजिटल/अमर उजाला, शिमला
Updated Fri, 09 May 2014 04:08 PM IST
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अंग्रेजी शासन काल में ग्रीष्मकालीन राजधानी रहे शिमला में 12 मई 1914 को हुए शिमला समझौते के सौ साल पूरे हो रहे हैं। इस मौके पर हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय संगोष्ठी का आयोजन करने जा रहा है।
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बारह मई को होने वाली इस संगोष्ठी में जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय नई दिल्ली के प्रो. स्वर्ण सिंह विशेष तौर पर व्याख्यान देंगे। वहीं, निर्वासित तिब्बत सरकार के सचिव ताशी फुंटसोख भी समझौते के सौ साल पूरे होने और तिब्बत की मौजूदा स्थिति पर अपने विचार रखेंगे।
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हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला और तिब्बत नीति निर्माण संस्थान धर्मशाला के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित की जाने वाली संगोष्ठी का शुभारंभ विवि के कुलपति प्रो. एडीएन वाजपेयी करेंगे। संगोष्ठी के दो सत्र होंगे जिसमें पहले सत्र में संगोष्ठी का शुभारंभ होगा।
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फिर जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय नई दिल्ली के प्रो. स्वर्ण सिंह अपना व्याख्यान देंगे तथा इसी सत्र में तिब्बत की निर्वासित सरकार के सचिव ताशी फुन्टसोख अपने विचार रखेंगे। दूसरे सत्र में कुरूक्षेत्र विश्वविद्यालय, कुरूक्षेत्र हरियाणा के प्रो. आरएस यादव अपना व्याख्यान देंगे।
शिमला समझौता हिमाचल के लिये महत्व रखता है, चूंकि 1914 में हुए इस समझौते के तहत हिमाचल प्रदेश के जनजातीय जिलों के साथ लगती अंतर राष्ट्रीय सीमा से व्यापारिक गतिविधियों के आने जाने की व्यवस्था को तय किया गया था।