बलग में अंधविश्वास पर प्रशासन ने की बड़ी कार्रवाई, पुलिस की पैनी नजर
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अंधविश्वास पर कार्रवाई करते हुए ठियोग तहसील के बलग क्षेत्र में धारा-144 लगा दी गई है। छैला कैंची से लेकर आगे नेरीपुल तक सड़कों पर पांच से ज्यादा लोग खड़े नहीं होंगे। खुद को अवतारी मान रहे बच्चों के घरों से तीन किलोमीटर दूर तक पैनी नजर रखी जाएगी।
कोई भी आदमी यहां समूह में नहीं चल सकेगा। ऐसा किया तो पुलिस कार्रवाई करेगी। 11 अप्रैल तक के लिए धारा-144 लागू रहेगी। एसडीएम ठियोग मोहनदत्त शर्मा ने इसकी पुष्टि की है। अमर उजाला ने भी अंधविश्वास का ये मामला प्रमुखता से उठाया। उसी के बाद प्रशासन हरकत में आया।
पूरी तरह से प्रतिबंध
एसडीएम मोहन दत्त शर्मा ने शनिवार रात को ही बच्चों और उनके मां-बाप से बातचीत के बाद धारा-144 को लागू करने के आदेश जारी कर दिए थे। एसडीएम के आदेश के बाद छैला कैंची से बलग की ओर जाने वाली सड़क पर सुबह-सवेरे ही वाहनों को रोक दिया गया।
जो लोग बलग जा रहे थे, उन्हें वापस भेजा गया। उनके बलग जाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया। शर्मा ने कहा कि ऐसा बच्चों और उनके मां-बाप के कहने पर ही किया गया है।
छैला कैंची से नेरीपुल तक ऑन रोड पुलिस की पैनी नजर है। एसडीएम ने बताया कि बच्चों के पिता श्यामलाल के घर के चारों-चार तीन किलोमीटर की परिधि में भी धारा-144 लागू रहेगी।
11 अप्रैल तक धारा 144
बच्चों के घर के बाहर पुलिस तैनात है। उनके घर केवल उनके रिश्तेदार ही जा सकते हैं। बाहरी आदमी को जाने नहीं दिया जा रहा है। क्षेत्र में केवल स्थानीय लोगों की ही आवाजाही हो सकती है। ये भी समूह में नहीं होगी। धारा 144 को 11 अप्रैल तक लागू रखा जाएगा।
अगर सामान्य स्थिति बन जाती है तो इसे हटा दिया जाएगा। वरना जारी रखेंगे। एक एनजीओ के लोग भी उनसे मिले हैं। उनको कहा गया है कि अगर वे बच्चों का इलाज करवाना चाहते हैं, उनकी स्वीकृति लेकर ही किया जाएगा। फिलहाल उन्हें विश्राम की जरूरत है।