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धारा 118 मामला: कोर्ट ने पांच आरोपियों के वॉयस सैंपल लेने की दी मंजूरी
Fri, 24 Jan 2020 12:06 PM IST
अरविन्द ठाकुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Fri, 24 Jan 2020 12:06 PM IST
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धारा-118 के तहत गैर कृषकों को हिमाचल में जमीन खरीदने की अनुमति देने के नाम पर हुए कथित भ्रष्टाचार मामले की जांच कर रही विजिलेंस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। विजिलेंस की मांग को स्वीकार करते हुए शिमला के विशेष जज वन की अदालत ने मामले से जुड़े पांच संदिग्ध आरोपियों की आवाज के सैंपल लेने की अनुमति दे दी है। इनमें अशोक सिंघल, विवेक डोगरा, रमेश गुप्ता, एमके जैन और प्रदीप कुमार शामिल हैं।
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आरोपियों के वॉयस सैंपल लेने के बाद ब्यूरो इनका मिलान पहले से मौजूद एक फोन रिकॉर्डिंग की आवाज से करेगा। माना जा रहा है कि अगर आरोपियों की आवाज फोन रिकार्डिंग की आवाज से मिलती है तो प्रदेश निर्वाचन आयोग के अध्यक्ष व पूर्व मुख्य सचिव पार्थ सारथी मित्रा की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
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पी मित्रा के प्रमुख सचिव राजस्व रहने के दौरान बड़ी संख्या में गैर कृषकों को हिमाचल में जमीन खरीदने के लिए धारा-118 की मंजूरी दी गई। आरोप है कि इस दौरान जमकर भ्रष्टाचार हुआ। पांच से दस लाख रुपये तक घूस ली गई। एक मामले में रिकार्डिंग की सीडी विजिलेंस को मिली तो भ्रष्टाचार की जांच शुरू हुई।
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पता चला कि अकेले 2010 में ही राजस्व विभाग ने ढाई सौ से ज्यादा मामलों में 118 के तहत अनुमति दे दी। पी मित्रा समेत कई अधिकारियों, कर्मचारियों व रिटायर्ड कर्मियों से विजिलेंस घंटों पूछताछ कर चुकी है। पालीग्राफी टेस्ट की अनुमति मांगी थी, लेकिन मित्रा के इंकार के बाद पेच फंस गया था। उनके दो कथित सहयोगियों की भी टेस्ट को लेकर विजिलेंस प्रयासरत है।