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धारा 118: आवेदनों पर अब 15 दिन में फैसला लेंगे विभाग
Wed, 03 Jul 2019 12:51 PM IST
अरविन्द ठाकुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Wed, 03 Jul 2019 12:51 PM IST
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हिमाचल प्रदेश सरकार
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हिमाचल प्रदेश में मकान बनाने और उद्योग स्थापित करने के लिए निजी भूमि खरीदने को विभागों के पास धारा -118 के तहत आ रहे आवेदनों पर 15 दिन में विभाग फैसला लेंगे। इसकी संबंधित कलेक्टर को सूचना दे दी जाएगी। इससे अनावश्यक औपचारिकताओं से गैर कृषक जमीन खरीददार बच पाएंगे। निवेशकों को धारा 118 के तहत जमीन खरीदने में आसानी होगी और अन्य विभागों से अनापत्ति प्रभनमाणपत्र की प्रक्रिया से बाद में गुजरना पड़ेगा, जबकि पहले एनओसी की प्रक्रिया से दो बार गुजरना पड़ता था।
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राज्य सरकार ने इन्वेस्टर मीट में 85 हजार करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य रखा है। प्रदेश में निवेशकों को आकर्षित करने के लिए राज्य सरकार ने गैर कृषकों को जमीन खरीदने की प्रक्रिया सरल बनाने के लिए नियम 38-ए में संशोधन किया है। अगर किसी गैर कृषक ने हिमाचल में निजी जमीन को खरीदना है तो इसके लिए सरकार ने धारा-118 के तहत मंजूरी लेनी है। जमीन चाहे मकान बनाने के लिए लेनी हो या फिर कोई रिसोर्ट तैयार करना है। इससे पहले गैर कृषक को यह बताना पड़ेगा कि उसे अपने प्रोजेक्ट के लिए कितनी जमीन लेनी है। संशोधन के लागू होने के बाद अब पहले गैर कृषक को अनिवार्यता प्रमाण पत्र ही देना होगा।
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जमीन गैर कृषक के नाम होने के बाद विभिन्न विभागों खासकर बिजली, आईपीएच, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, जैसे अनापत्ति प्रमाणपत्र आदि लेने होंगे, जबकि एनओसी लेने की यह प्रक्रिया पहले और बाद में पूरी करनी पड़ती थी। इससे अनावश्यक देरी होती थी और प्रोजेक्टों तैयार होने में दो दो साल तक विलंब होता था। इस संशोधन के बाद से प्रोजेक्टों समय पर पूरे हो सकेंगे। संयुक्त सचिव राजस्व राकेश मेहता कहते हैं कि इस संशोधन से जमीन खरीदने की प्रक्रिया काफी सरल होगी।
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