{"_id":"57fe46754f1c1b8e1528ee7b","slug":"secretariat-yet-not-declared-the-result-of-chowkidar-recruitment","type":"story","status":"publish","title_hn":"उलझन में है सचिवालय प्रशासन, अटक गया चौकीदार भर्ती का परिणाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उलझन में है सचिवालय प्रशासन, अटक गया चौकीदार भर्ती का परिणाम
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Fri, 14 Oct 2016 10:11 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हिमाचल प्रदेश सचिवालय में चल रही फ्राश कम चौकीदारों के 85 पदों की भर्ती का परिणाम अटक गया है। परिणाम अटकने की वजह भी इन पदों पर आवेदन करने वाले युवाओं की काबिलियत को बताया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार दसवीं पास की न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता वाली इस भर्ती में पोस्ट ग्रेजुएट, पीएचडी और एमबीए डिग्री धारक युवाओं ने भी आवेदन किया था।
विज्ञापन
चयन प्रक्रिया को सिर्फ इंटरव्यू आधारित रखा गया था, लेकिन इंटरव्यू देने के लिए करीब पच्चीस हजार युवा पहुंच गए। कई महीने तक प्रदेश सचिवालय में ही इन आवेदकों के इंटरव्यू हुए। इंटरव्यू खत्म हुए तीन महीने से ज्यादा समय हो गया है, लेकिन अब तक रिजल्ट जारी नहीं हो सका है।
विज्ञापन
सूत्रों की मानें तो भर्ती कराने वाला सचिवालय प्रशासन समझ ही नहीं पा रहा कि अगर इंटरव्यू और शैक्षणिक योग्यता के आधार पर चयन करें तो वे युवा आ जाएंगे जिनकी काबिलियत इन पदों के लिहाज से काफी ज्यादा है। वहीं, जिन युवाओं को इन पदों के लिए पात्र माना जा रहा है उन्हें इंटरव्यू में ऊंची शैक्षणिक योग्यता वाले युवाओं से आगे करना परेशानी भरा है।
विज्ञापन
ऊपर से इस बात पर भी संशय है कि चुने जाने के बाद ज्यादा पढ़े लिखे युवा फ्राश कम चौकीदार का काम सही तरीके से करेेंगे भी या नहीं। अफसर भी इस भर्ती को लेकर बोलने को तैयार नहीं हैं।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि रिजल्ट बनाने के दौरान ही इस बात पर विवाद हो गया था कि ज्यादा पढ़े लिखे युवा न तो ठीक से काम करेंगे या नहीं। साथ ही कम पढ़े युवाओं का अहित भी हो जाएगा। इसी ऊहापोह की स्थिति के चलते सचिवालय प्रशासन ने रिजल्ट बनाने का काम ही रोक दिया है।