हिमाचल में स्क्रब टायफस से एक और मौत
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आईजीएमसी अस्पताल में स्क्रब टायफस से 17 साल की लड़की की मौत हो गई। यह बिलासपुर झंडूता की रहने वाली थी। अस्पताल में इसका इलाज चल रहा था। शुक्रवार सुबह लड़की ने दम तोड़ दिया। झंडूता के एक मरीज की स्क्रब टायफस से बीते सप्ताह यहां मौत हो गई थी।
अब तक इस बीमारी से तीन महिलाओं समेत चार ने दम तोड़ दिया है। शुक्रवार को अस्पताल पहुंचे ग्यारह मरीजों में बीमारी के लक्षण पाए गए हैं। अब तक अस्पताल में 116 मरीजों में स्क्रब टायफस के लक्षण पाए गए हैं।
अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डा. रमेश ने कहा कि स्क्रब टायफस से पीड़ित युवती की मौत हुई है। मामले बढ़ रहे हैं। लोगों से आग्रह है कि तेज बुखार को हल्के से न लें तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें।
ये हैं बीमारी के लक्षण
•तेज बुखार 104 से 105 तक जा सकता है
•जोड़ों में दर्द तथा कंपकंपी के साथ बुखार
•गर्दन, बाजू के नीचे, कूल्हों के ऊपर गिल्टियां होना रोकथाम
•घर के चारों ओर घास, खरपतवार न उगने दें
•घर और आसपास कीटनाशक दवाओं का छिड़काव करें
ऐसे होता है स्क्रब टाइफस
यह रोग एक जीवाणु (रिकेटशिया) से संक्रमित पिस्सू (माइट) के काटने से फैलता है जो खेतों, झाड़ियों तथा घास में रहने वाले चूहों में पनपता है। यह जीवाणु चमड़ी के माध्यम से शरीर में प्रवेश करता है।