बर्फबारी बनी आफतः 54 स्कूलों में वार्षिक परीक्षाएं देने नहीं पहुंच पाए नौनिहाल
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हिमाचल में हो रही बर्फबारी से एक तरफ किसानों बागवानों और पर्यटन कारोबारियों के चहरे खिल गए है,वहीं दूसरी तरफ कई के लिए बर्फ आफत बनकर गिरी है। खासकर स्कूली बच्चों के लिए परीक्षाओं के वक्त बर्फबारी मुसीबत बन गई है।
सलूणी उपमंडल में करीब 54 स्कूलों में शिक्षा ग्रहण कर रहे छात्र-छात्राएं मंगलवार को वार्षिक परीक्षा देने स्कूलों तक नहीं पहुंच पाएं। इलाके में ऊंचाई वाले क्षेत्रों में एक फुट से अधिक बर्फबारी होने के चलते ऐसी नौबत पेश आई। सोमवार से ही ऊपरी ईलाकों में हिमपात शुरू हो गया था।
इस वजह से करीब दस ट्रांसफार्मर बंद पड़ गए है। बर्फबारी के चलते समूचा इलाक प्रचंड ठंड की चपेट में होने के चलते स्कूलों में परीक्षाएं देने नौनिहाल नहीं पहुंच पाए। अभिभावकों ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि वार्षिक परीक्षाओं के शेड्यूल में बदलाव किया जाए।
अभिभावकों ने परीक्षाओं को लेकर उठाई ये मांग
गौरतलब है कि इलाके के स्कूलों में पहली से आठवीं कक्षा तक की वार्षिक परीक्षाओं का आयोजन चल रहा है। ऐसे में सोमवार से मौसम खराब होने के चलते भारी बर्फबारी के चलते स्कूलों में परीक्षाएं देने नौनिहाल नहीं पहुंच पाए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत भांदल के आस-पास लगे दस ट्रांसफार्मर बर्फबारी के बाद से बंद हो गए है। अभिभावकों में तूला राम, चैन लाल, बिहारी लाल, कर्म चंद, हंस राज, लेख राज, प्रकाश चंद, राज कुमार, बलदेव सिंह, दिवान चंद ने बताया कि सरकार
को वार्षिक परीक्षाओं का शेड्यूल नवंबर माह के अंतिम सप्ताह तक आयोजित करने चाहिए। ताकि दिसंबर में मौसम खराब होने के बाद छात्र-छात्राओं को किसी प्रकार की दिक्कत न पेश आए।
प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक बलजीत सिंह ने बताया कि इस बारे निदेशालय सूचना दे दी गई है। कहा कि प्रशासन को भी अवगत करवा दिया है। आगामी आदेशों का इंतजार है।