अनसेफ भवन में चल रहा था स्कूल, छत गिरने से लहुलूहान हुए पांच छात्र
स्कूल के अनसेफ भवन को लेकर कई बार आगाह करने के बावजूद सरकारी सिस्टम की नींद नहीं टूटी। करीब दो दर्जन स्कूली बच्चों की जान को यहां रोज खतरे में डाला जाता रहा।
आखिर बुधवार दोपहर को जर्जर भवन की छत का प्लास्टर गिर गया, जिसकी चपेट में आकर पांच बच्चे जख्मी हो गए। दो बच्चों के सिर पर गंभीर चोटें आई हैं, जिन्हें नगरोटा बगवां सिविल अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद टांडा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है।
तीन अन्य घायल बच्चों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है। घायल बच्चों में वीरेन (9), सुल्तान (10), वीर सिंह (9), अभिषेक, शंकर और वीर सिंह (5) शामिल हैं।
जून में भवन को असुरक्षित कर दिया था घोषित
मामला हिमाचल के कांगड़ा जिले का है। नगरोटा बगवां के वार्ड 3 में स्थित प्राइमरी स्कूल में दोपहर को हादसा उस समय हुआ जब बच्चे बरामदे में बैठकर पढ़ रहे थे। इसी दौरान अचानक छत के एक हिस्से का प्लास्टर उखड़कर बच्चों पर गिर गया। स्कूल की अध्यापिका संगीता कुमारी ने बताया कि जर्जर भवन को लेकर एक वर्ष से पत्राचार किया जा रहा था।
इस साल 25 जून को भवन के असुरक्षित घोषित होने की सूचना बीपीईओ कार्यालय को लिखित में दी गई थी। उधर, सूचना के बाद नगरोटा बगवां थाना प्रभारी की अगुवाई में पुलिस टीम ने अस्पताल पहुंचकर मामले की छानबीन शुरू कर दी है।
खंड प्राथमिक शिक्षा अधिकारी संजीवन भारद्वाज ने कहा कि छुट्टियों की वजह से कक्षाओं को स्थानांतरित नहीं किया जा सका था। नगर परिषद से समीपवर्ती एक जंजघर का कमरा लिया था, जिसकी चाबी पिछले दिन ही मिली थी। बुधवार को स्कूल का कुछ सामान जंजघर के कमरे में शिफ्ट भी किया था।