नशे से बचने का संदेश देने वाला प्रिंसिपल खुद टल्ली होकर पहुंचा स्कूल
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प्रदेश में नशे के खिलाफ चलाई जा रही सरकार की मुहिम में बच्चों को नशे से दूर रहने का पाठ पढ़ाने वाले शिक्षक ही नशे में टल्ली होकर स्कूल पहुंचें तो क्या कहें। ऐसा ही एक मामला उपमंडल बड़सर के एक सरकारी स्कूल में सामने आया है।
यहां प्रिंसिपल ही नशे में टल्ली होकर स्कूल पहुंच गया। बुधवार को उच्चतर शिक्षा विभाग के उपनिदेशक की छापामारी में यह खुलासा हुआ। शिक्षा उपनिदेशक को सामने देख पहले तो स्कूल प्रिंसिपल की जुबां फिसल गई। बाद में वह शाम की दारू की दुर्गंध का जिक्र करने लगा।
प्रिंसिपल को नशे की हालत में देखकर उपनिदेशक भड़क गए। उन्होंने स्कूल स्टाफ के अलावा स्कूल परिसर के बाहर दुकानों से कुछ लोग स्कूल में बुलाए और दारू के बारे में पूछताछ की। बाद में माफी मांगने पर उपनिदेशक ने सख्त चेतावनी देकर प्रिंसिपल को छोड़ा।
निदेशक के सामने प्रिंसिपल ने कबूली शराब पीने की बात
हालांकि, इसकी जानकारी उपनिदेशक ने निदेशालय में दे दी है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं और स्कूलों में पेश न आएं। बड़सर में सरकारी स्कूल में प्रिंसिपल के शराबी होकर स्कूल में पहुंचने से सरकार की नशे के खिलाफ चलाई जा रही मुहिम पर भी सवाल उठने शुरू हो गए हैं।
सरकार ने नशे के खिलाफ प्रदेश भर में विशेष मुहिम चलाई हुई है। स्कूलों में जागरूकता रैलियों का आयोजन किया जा रहा है, लेकिन दूसरों को शिक्षा देने वाले खुद नशे में स्कूल पहुंच रहे हैं। ये सरकार की नशे के खिलाफ मुहिम पर धब्बा लगा रहे हैं।
उधर, उच्चतर शिक्षा विभाग हमीरपुर के उपनिदेशक सोमदत्त सांख्यान ने बताया कि स्कूल के निरीक्षण के दौरान प्रिंसिपल के मुंह से शराब की बदबू आ रही थी। प्रिंसिपल ने रात को शराब पीने की बात कबूली है। कहा कि प्रिंसिपल को चेतावनी देकर छोड़ दिया। साथ में इसकी सूचना निदेशालय में भी दे दी गई है।