{"_id":"5c13587abdec2274cb271b69","slug":"school-bag-and-steel-bottle-distribution-postponed-after-smart-uniform-in-himachal","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"हिमाचल में स्मार्ट वर्दी के बाद स्कूल बैग और स्टील बोतल भी फंसी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हिमाचल में स्मार्ट वर्दी के बाद स्कूल बैग और स्टील बोतल भी फंसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Updated Fri, 14 Dec 2018 01:18 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले लाखों विद्यार्थियों के लिए शुरू की गई तीन योजनाओं का साल 2018 में कोई लाभ नहीं मिला है। स्मार्ट स्कूल वर्दी के बाद स्कूल बैग और स्टील बोतलें देने की योजना भी फंस गई है। लाखों स्कूली विद्यार्थी सरकारी योजनाओं का लाभ लेने से वंचित रह गए हैं।
विज्ञापन
अक्तूबर महीने में सरकारी स्कूलों की चार कक्षाओं पहली, तीसरी, छठी और नवीं में पढ़ने वाले 2.61 लाख विद्यार्थियों को तीन तरह के स्कूल बैग देने का फैसला हुआ। पहली व तीसरी कक्षा को छोटे, छठी को मीडियम और नवीं कक्षा के विद्यार्थियों को बड़े बैग देने की बात कही गई।
विज्ञापन
टेंडर आमंत्रित करने के दावे फाइलों में सिमट कर रह गए
शिक्षा सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में टेंडर डाक्यूमेंट तैयार को कहा गया, लेकिन अभी तक इस बाबत कोई भी कदम नहीं उठाया गया है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने अपने पहले बजट भाषण में पहली, तीसरी, छठी और नवीं कक्षा के विद्यार्थियों को पहले चरण में निशुल्क स्कूल बैग देने की घोषणा की है।
उधर, सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले नवीं कक्षा के 90 हजार विद्यार्थियों के लिए स्टील की पानी बोतलें खरीदने की प्रक्रिया भी फिलहाल बंद है। स्टील की पानी बोतलों के सैंपल कसौटी पर खरे नहीं उतरने पर सरकार ने टेंडर प्रक्रिया को अक्तूबर महीने में रद्द कर दिया है।
अभी तक टेंडर प्रक्रिया दोबारा शुरू नहीं हुई है। विद्यार्थियों को 750 मिली लीटर क्षमता की बोतलें देने को नए सिरे से टेंडर आमंत्रित करने के दावे फाइलों में सिमट कर रह गए हैं।
उधर, सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले नवीं कक्षा के 90 हजार विद्यार्थियों के लिए स्टील की पानी बोतलें खरीदने की प्रक्रिया भी फिलहाल बंद है। स्टील की पानी बोतलों के सैंपल कसौटी पर खरे नहीं उतरने पर सरकार ने टेंडर प्रक्रिया को अक्तूबर महीने में रद्द कर दिया है।
अभी तक टेंडर प्रक्रिया दोबारा शुरू नहीं हुई है। विद्यार्थियों को 750 मिली लीटर क्षमता की बोतलें देने को नए सिरे से टेंडर आमंत्रित करने के दावे फाइलों में सिमट कर रह गए हैं।