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छात्रवृत्ति घोटाला: शैक्षणिक संस्थानों के साथ अब बैंकों पर भी जांच एजेंसी की नजर

Wed, 15 May 2019 01:19 PM IST
अरविन्द ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Wed, 15 May 2019 01:19 PM IST
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Scholarship Scam CBI investigation in banks with educational institutions

करोड़ों के छात्रवृत्ति घोटाले में प्रदेश सरकार की सिफारिश पर मामला दर्ज करने वाली सीबीआई ने अब जांच का दायरा बढ़ा दिया है। शैक्षणिक संस्थानों के साथ ही जांच एजेंसी ने कई राष्ट्रीयकृत बैंक अधिकारियों से भी पूछताछ शुरू कर दी है। दो दिन से सीबीआई शिमला स्थित कार्यालय में बैंक अधिकारियों से पूछताछ की है।

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जांच एजेंसी इस बात की जांच करना चाहती है कि जिन विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति जारी हुई, उनके बैंक खातों में कैसे एक ही मोबाइल नंबर दर्ज हो गया। इस मामले में बैंक अधिकारियों की भूमिका को लेकर जांच एजेंसी हर पहलू पर पड़ताल कर रही है। वहीं, बैंक खातों में पैसों के आने और उनके निकाले जाने की भी जानकारी ली जा रही है। सूत्रों का कहना है कि विद्यार्थियों से भी संपर्क साधा जा रहा है।
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यह घोटाला 11वीं और 12वीं कक्षाओं के एससी/एसटी और ओबीसी के विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति में 250 करोड़ रुपये का है। बताया जा रहा है कि संस्थानों के परिसरों से जांच एजेंसी ने जहां एक ओर वितरित छात्रवृत्ति से संबंधित सभी तरह के दस्तावेज सीज किए हैं, वहीं बैंक अधिकारियों से खोले बैंक खातों, उनमें दर्ज मोबाइल नंबरों, खातों से ट्रांजेक्शन की जानकारी ली।
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सीबीआई सूत्रों के अनुसार अब तक की छानबीन में जांच एजेंसी को यह जानकारी मिली है कि कुछ संस्थानों ने अपने ही किसी कर्मचारी के नंबर को कई बैंक खातों में दर्ज करा दिया। इससे बैंक खातों से जब भी राशि निकली, उसकी जानकारी छात्रवृत्ति पाने वालों को नहीं मिली।


सीबीआई यह भी जांच कर रही है जिन छात्रों को छात्रवृत्ति मिली, उसमें से कहीं संस्थानों ने कुछ हिस्सा तो नहीं लिया। बता दें कि सरकार बनने के बाद जयराम सरकार ने मंत्री रामलाल मारकंडा की शिकायत के बाद साल 2013-14 से लेकर 2016-17 तक 2.38 लाख एससी/एसटी और अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को जारी छात्रवृत्ति में कथित घोटाले की विभागीय जांच शुरू कराई थी।

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