बिजली मीटर खरीद में घपला, सीएम ने दिए जांच के आदेश
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हिमाचल विधानसभा बजट सत्र के चौथे दिन मंगलवार को विपक्ष ने बिजली मीटर खरीद में घपले के आरोप लगाए। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने विपक्ष के आरोपों को गंभीर बताकर सदन के भीतर ही जांच के आदेश दे दिए। नेता प्रतिपक्ष प्रो. प्रेम कुमार धूमल ने राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान बिजली मीटर खरीद और सस्ते राशन का मामला उठाया।
धूमल ने कहा कि एक ही कंपनी को तीन बार टेंडर देकर करीब तीन लाख बिजली मीटर खरीदे गए। इसमें से ज्यादातर मीटर खराब पाए गए हैं। बोर्ड के स्टोर में अभी भी 13 हजार मीटर खराब रखे गए हैं। धूमल ने यह भी कहा कि सस्ते राशन के नाम पर लोगों से धोखा हो रहा है।
धूमल बोले, कोऑपरेटिव बैंक में चल रहा कमीशन का धंधा
धूमल ने शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, बेरोजगारी भत्ता जैसे मसलों पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने बेरोजगारी भत्ते के नाम पर बेरोजगार युवाओं से धोखा किया है।
हमीरपुर के बड़सर क्षेत्र का हवाला देते हुए धूमल ने कहा कि यहां लोगों को बंद पैकेट में कम दाल और तेल मिल रहा है। राजमा का दाना भी छोटा है। इस दौरान खाद्य आपूर्ति मंत्री ने संबंधित विभाग के अफसर को इसे नोट करने की बात कही।
धूमल ने कहा कि कोऑपरेटिव बैंक में लोन देने के नाम पर कमीशन का धंधा चल रहा है। इस मामले की भी जांच होनी चाहिए। ऐसे मामले भी सामने आए हैं, जिसमें पहले एक व्यक्ति ने कोऑपरेटिव बैंक से लोन लिया और बाद में उसी व्यक्ति ने वही लोन कांगड़ा सेंट्रल बैंक से भी ले लिया।