देव कारज में अनुसूचित जाति के युवक की गोद में गिरा फूल, लोगों ने किया लहूलुहान
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हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले के उपमंडल बंजार के थाटीबीड़ के पल्दी फागली में अनुसूचित जाति के एक युवक और उसके दोस्तों को जाना महंगा पड़ गया। युवक की ओर से बीठ (फूलों का गुच्छा) पकड़े जाने पर कुछ लोगों ने उसकी और उसके दोस्त की पिटाई कर उन्हें लहूलुहान कर दिया।
इसके बाद युवक ने 5100 रुपये जुर्माना भरकर अपनी जान छुड़वाई। अपने साथ हुई आपबीती की शिकायत शलवाड़ के लाल चंद ने पुलिस अधीक्षक से की है। युवक अपने साथ हुई घटना के बाद गहरे सदमे में है। पुलिस को सौंपे गए शिकायत पत्र में लाल चंद ने कहा कि वह अपने दोस्तों के साथ थाटीबीड़ करथा मेला देखने गया था।
शाम के समय होने वाले बीठ कार्यक्रम में जब बीठ देवता के कारकूनों ने फेंका तो यह उसकी गोद में आ गिरा। इस पर कारकूनों ने कहा कि अनुसूचित जाति के लोगों पर इसका गिरना शुभ नहीं है, इन्हें मारो। इतना बोलते ही लोगों ने उसे और उसके दोस्तों के साथ डंडों के साथ मारपीट की। कारकूनों ने उन्हें जातिसूचक शब्द कहकर अपमानित भी किया।
दोस्तों की भी पिटाई, 5100 जुर्माना देकर बचाई जान
इतना ही नहीं, देवता कमेटी के सदस्यों ने बीठ पकड़ने के लिए जुर्माने के तौर पर उनसे 11000 रुपये देने की बात कही गई। अगर वो जुर्माना नहीं भरते तो उनकी जान भी जा सकती थी। अपनी जान बचाने के लिए आखिर में उन्हें 5100 रुपये बतौर जुर्माने के तौर पर देने पड़े। इसके बाद वे अपनी जान बचा पाए।
उन्होंने कहा कि मारपीट के दौरान मोबाइल आदि सामान गुम हो गया। हालांकि, इस मारपीट का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा है। इसमें इन युवकों को मारने के लिए कहा जा रहा है। इस संबंध में पुलिस अधीक्षक शालिनी अग्निहोत्री ने कहा कि फोन के माध्यम से उन्हें सूचना मिली है। शिकायत मिलने पर मामले की छानबीन की जाएगी।
क्या होता है बीठ
बीठ फूलों का एक गुच्छा होता है। इसे जो पकड़ता है उसे देवता का वरदान मिलता है। इसे देवता के कारकूनों द्वारा ही भीड़ की तरफ फेंका जाता है लेकिन अनुसूचित जाति के युवक द्वारा बीठ पकड़े जाने पर माहौल खराब हो गया।