छात्रवृत्ति घोटाला: नेताओं और अधिकारियों के रिश्तेदारों का नपना तय, अब सीबीआई करेगी गिरफ्तारियां
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करीब 250 करोड़ रुपये से अधिक के छात्रवृत्ति घोटाले में सीबीआई अब गिरफ्तारियों का दौर शुरू करने वाली है। कई नेता और अफसरों के रिश्तेदारों पर शिकंजा कसना तय है।
निजी स्कूलों में जमा एक, जमा दो कक्षाओं और निजी कॉलेजों में आरक्षित वर्गों के विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति पर हुए इस घपले में कुछ नेताओं और अफसरों के रिश्तेदारों का नपना भी तय माना जा रहा है। विभिन्न निजी संस्थानों पर छापामारी करने गई सीबीआई की कई टीमें शिमला लौट आई हैं।
ये इन संस्थानों से लाए गए रिकॉर्ड की विधि अधिकारियों के साथ पड़ताल कर रही हैं। सीबीआई के कुछ दस्ते अभी भी राज्य से बाहर और भीतर के कुछ संस्थानों में ही डटे हुए हैं। वे इन संस्थानों में घोटाले से संबंधित रिकार्ड खंगाल रहे हैं।
फोरेंसिक जांच के लिए भेजी जाएंगी हार्ड डिस्क और दस्तावेज
पिछले तीन दिन से चली आ रही छापामारी से जुटाए गए रिकॉर्ड को लेकर सीबीआई के डेढ़ दर्जन दस्ते शिमला पहुंच गए हैं। जम्मू, पंजाब और हरियाणा गई टीमें अभी यहां नहीं पहुंची हैं।
कुछ दस्ते हिमाचल के कुछ संस्थानों में लगातार तीसरे दिन भी रिकॉर्ड टटोलते रहे। सीबीआई ने इन संस्थानों से फाइलें, रजिस्टर, कंप्यूटरों की हार्ड डिस्क जैसी कई चीजें शिमला पहुंचाई हैं। इनकी छानबीन हो रही है। निजी स्कूलों में सर्च रेड से जुटाई गई हार्ड डिस्क जल्दी ही फोरेंसिक जांच के लिए भेजी जाएंगी।
फोरेंसिक जांच के बाद घोटाले के सबूत और भी पुख्ता हो जाएंगे। इसके बाद सीबीआई को कई संलिप्त लोगों पर शिकंजा कसने में आसानी होगी। दस्तावेजों को भी फोरेंसिक जांच के लिए भेजने की तैयारी है। सूत्रों ने बताया कि बुधवार को इसके पार्सल तैयार किए गए।
छापामारी के लिए कम पड़े सीबीआई के अफसर, कर्मचारी
सीबीआई ने करीब दो दर्जन निजी शिक्षण संस्थानों पर छापामारी की। शिमला स्थित सीबीआई शाखा का स्टाफ कम होने के कारण चंडीगढ़, पंजाब, हरियाणा और जम्मू स्थित सीबीआई कार्यालयों के अधिकारियों और कर्मचारियों की भी मदद ली गई। शिमला शाखा से हर निजी संस्थान में कम से कम एक से दो अधिकारी अथवा कर्मचारी मौजूद रहे।