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Himachal: सतपाल रायजादा बोले- चिट्टे पर कार्रवाई कुछ अफसरों को नहीं आ रही रास
Mon, 10 Feb 2025 11:54 AM IST
Krishan Singh
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Mon, 10 Feb 2025 11:54 AM IST
सार
पूर्व विधायक सतपाल रायजादा ने कहा है कि चिट्टे को लेकर सुक्खू की सरकार सख्त है। इसी का प्रभाव है कि चिट्टे के मामले पकड़े जा रहे हैं।
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पूर्व विधायक सतपाल सिंह रायजादा।
- फोटो : संवाद
विस्तार
ऊना के पूर्व विधायक सतपाल रायजादा ने कहा है कि चिट्टे को लेकर सुक्खू की सरकार सख्त है। इसी का प्रभाव है कि चिट्टे के मामले पकड़े जा रहे हैं। इसी कार्रवाई के बीच प्रदेश के विभिन्न जिलों में एसआईयू टीम के नाै लोगों पर पुलिस की दबिश कहीं न कहीं इस मुहिम को प्रभावित करने की साजिश लग रही है। पुलिस महानिदेशक को यह स्पष्ट करना चाहिए कि इन पुलिस कर्मियों पर छापा मारने का क्या आधार था। यदि उनके पास कोई इनपुट था तो किसी भी पुलिस कर्मी के पास से कुछ अवांछित मिला क्यों नहीं। छापा मारने का क्या आधार था। सरकार पहले से ही नशे के मामले में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाए हुए है।
मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री भी मंचों से यह एलान कर चुके हैं कि नशे के साथ पकड़े लोगों के लिए किसी का फोन नहीं आएगा और न ही उसे बख्शा जाएगा। एसआईयू भी लगातार भारी मात्रा में चिट्टा बरामद करने के साथ कई आरोपियों को जेल की सलाखों के पीछे धकेल चुकी है लेकिन लगता है कि कुछ पुलिस अधिकारियों को चिट्टे के खिलाफ हो रही कार्रवाई रास नहीं आ रही है और इसी के चलते वह पुलिस कर्मियों का मनोबल गिराने के लिए उन पर कार्रवाई करवा रहे हैं। रायजादा ने कहा कि अधिकारी अपने निजी हितों के लिए ऐसा करने में लगे हैं। इसकी जांच होनी चाहिए। किसके इशारे पर यह कार्रवाई की गई है। इस बात की भी जांच होनी चाहिए कि पुलिस अधिकारियों की स्वयं की किसी से सांठगांठ तो नहीं जो वह नशे के खिलाफ मुहिम को रोकने और पुलिस कर्मियों के मनोबल को तोड़ने में लगे हैं। रायजादा ने कहा कि उन्हें लगता है कि कुछ अधिकारी भाजपा और माफिया के साथ मिलकर काम कर रहे है।
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मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री भी मंचों से यह एलान कर चुके हैं कि नशे के साथ पकड़े लोगों के लिए किसी का फोन नहीं आएगा और न ही उसे बख्शा जाएगा। एसआईयू भी लगातार भारी मात्रा में चिट्टा बरामद करने के साथ कई आरोपियों को जेल की सलाखों के पीछे धकेल चुकी है लेकिन लगता है कि कुछ पुलिस अधिकारियों को चिट्टे के खिलाफ हो रही कार्रवाई रास नहीं आ रही है और इसी के चलते वह पुलिस कर्मियों का मनोबल गिराने के लिए उन पर कार्रवाई करवा रहे हैं। रायजादा ने कहा कि अधिकारी अपने निजी हितों के लिए ऐसा करने में लगे हैं। इसकी जांच होनी चाहिए। किसके इशारे पर यह कार्रवाई की गई है। इस बात की भी जांच होनी चाहिए कि पुलिस अधिकारियों की स्वयं की किसी से सांठगांठ तो नहीं जो वह नशे के खिलाफ मुहिम को रोकने और पुलिस कर्मियों के मनोबल को तोड़ने में लगे हैं। रायजादा ने कहा कि उन्हें लगता है कि कुछ अधिकारी भाजपा और माफिया के साथ मिलकर काम कर रहे है।
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