नए सत्र में दूसरी कक्षा से होगी संस्कृत की पढ़ाई: शिक्षा मंत्री
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हिमाचल के स्कूलों में दूसरी कक्षा से विद्यार्थी संस्कृत विषय पढ़ेंगे। स्कूल शिक्षा बोर्ड ने दूसरी से पांचवीं कक्षा तक संस्कृत विषय का पाठ्यक्रम तैयार कर दिया है। छठी से दसवीं तक पाठ्यक्रम बनाने का काम जारी है। मंगलवार को बोर्ड की अकादमिक समिति की बैठक शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज की अध्यक्षता में हुई। इसमें केंद्र सरकार से नियुक्त अकादमी सदस्य अतुल भाई कोठारी विशेष रूप से मौजूद रहे। शिक्षा मंत्री ने कहा कि बोर्ड की विभिन्न समितियों की बैठकें हुईं। इसमें गुणवत्ता के साथ संस्कार युक्त शिक्षा देने पर कई फैसले हुए।
छात्रों में हैपीनेस बढ़ाने को योग, शतरंज और संगीत विषय को पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा। पांचवीं से दसवीं कक्षा तक पढ़ाई जाने वाली नैतिक शिक्षा व स्वतंत्रता संग्राम की कहानी को अब भारतीय प्रतिरोध एवं स्वतंत्रता संग्राम का इतिहास में तबदील कर पढ़ाया जाएगा। वैदिक गणित, योग, संस्कृत, शतरंज, संगीत का पाठ्यक्रम तैयार किया गया है। जिसे अगले सत्र से शुरू किया जाएगा। इस दौरान जयसिंहपुर के विधायक रविंद्र धीमान, जवाली के अर्जुन सिंह ठाकुर, बोर्ड अध्यक्ष डॉ. सुरेश कुमार सोनी आदि मौजूद रहे। गगरेट के विधायक राजेश ठाकुर निजी काम के चलते बैठक में नहीं आए।
प्रार्थना सभा में भी होगा बदलाव
बोर्ड की अकादमिक समिति ने प्रार्थना सभा में रूटीन कार्यक्रमों के अलावा और विषय जोड़ने का फैसला लिया। प्रार्थना सभा में राष्ट्रभक्ति से संबंधित विचार, प्राणायाम, नशा से दूर रहने की सलाह, पर्यावरण संरक्षण, यातायात नियमों की जानकारी, माता-पिता और गुरुओं का आदर करने के बारे में जागरूक किया जाएगा।
बोर्ड ने परीक्षा के दौरान 25 छात्रों के ऊपर एक निरीक्षक तैनात करने का फैसला लिया है। अभी तक 40 छात्रों के ऊपर एक निरीक्षक सेवाएं देता था। बोर्ड ने कहा कि सभी परीक्षा केंद्रों की सीसीटीवी से निगरानी की जा रही है।
डमी एडमिशन की जांच को बनेगी कमेटी
अकादमिक समिति ने डमी एडमिशन करवाने वाले स्कूलों पर शिकंजा कसने की योजना बनाई है। डमी एडमिशनों की जांच को बोर्ड कमेटी बनाएगा, जो निजी स्कूलों की जांच करेगी। जिस स्कूल में छात्रों की डमी एडमिशन मिलेगी, उसकी मान्यता तुरंत रद्द की जाएगी।
पुनर्मूल्यांकन के प्रमाणपत्र लेने को तय होगा समय
पुनर्मूल्यांकन के बाद प्रमाण पत्र लेने को बोर्ड समय निर्धारित करेगा। पुनर्मूल्यांकन करने वाले छात्र को शपथपत्र भी देना होगा। इसके बाद वह मेरिट का चैलेंज नहीं कर पाएगा। विद्यार्थी को तय करना होगा कि पुनर्मूल्यांकन के बाद कौन सा प्रमाण पत्र लेना है।
बोर्ड तीन भाषाओं में छापेगा अपना न्यूज लेटर
स्कूल शिक्षा बोर्ड ने अपनी गतिविधियों के लिए न्यूज लेटर छापने का फैसला लिया है। न्यूज लेटर हिंदी, संस्कृत और अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित होगा, जिसमें स्कूल बोर्ड में होने वाली विभिन्न गतिविधियों को छापा जाएगा। इसके अलावा बोर्ड हिंदी के अलावा संस्कृत में अपने बोर्डों को छापेगा।