{"_id":"67e5524629e5c7b1d70ce262","slug":"salivary-gland-cancer-first-case-in-the-state-shimla-news-c-19-sml1001-508136-2025-03-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shimla News: थूक की ग्रंथि कैंसर का \nप्रदेश में पहला मामला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shimla News: थूक की ग्रंथि कैंसर का प्रदेश में पहला मामला
विज्ञापन
डेंटल कॉलेज में उपचार के बाद महिला स्वस्थ
संगोष्ठी में डॉ. मालविका ने दी प्रस्तुति, पाया सम्मान
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। थूक बनाने की ग्रंथि के कैंसर का प्रदेश में पहला मामला सामने आया है। अपर शिमला की रहने वाली 48 साल की महिला इसकी चपेट में आई थी। हालांकि समय पर उपचार मिलने के बाद अब महिला की हालत में सुधार है और वह मौजूदा समय में चिकित्सा लाभ ले रही हैं।
राजकीय दंत महाविद्यालय एवं चिकित्सालय शिमला की ओरल मेडिसिन और रेडियोलॉजी विभाग की डॉ. मालविका ने विजयवाड़ा आंध्र प्रदेश में ट्रिपल ओ संगोष्ठी में यह जानकारी दी। इस संगोष्ठी में 700 विशेषज्ञ डॉक्टरों ने हिस्सा लिया। डॉ. मालविका ने बताया कि पैरोटिड ग्रंथि के लिंफोएपिथेलियल कार्सिनोमा एक प्रकार का दुर्लभ कैंसर है। डॉक्टर ने बताया कि यह कैंसर कैनेडा, कोरिया और चाइना में पुरुषों में पाया जाता है। कहा कि महिला मुंह में सूजन की समस्या लेकर शिमला मेडिकल कॉलेज आई तो इसकी खून की जांच की। जबड़े का एक्सरे और एमआरआई भी करवाया। कैंसर को लेकर जब संशय हुआ तो एफएनएसी (फाइन-नीडल एस्पिरेशन साइटोलॉजी) टेस्ट करवाया। जांच में बीमारी का पता लगने के बाद उपचार शुरू किया गया। अब महिला की हालत में सुधार है। इसके लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ प्रस्तुति पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
डॉ. मालविका ने बताया कि यह प्रस्तुति कॉलेज प्राचार्य डॉ. आशु गुप्ता, विभागाध्यक्ष डॉ. गुरु प्रसाद, डॉ. नीता, डॉ. श्रुति, डॉ. सीमा, डॉ. सतीश और पीजी सहयोगी डॉ. अजय और डॉ. अर्चना के सहयोग से पूरी हो पाई है। डेंटल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आशु गुप्ता ने बताया कि पहली बार इस तरह के मामले पर सर्वश्रेष्ठ पुरस्कार मिला है।
विज्ञापन
विज्ञापन
संगोष्ठी में डॉ. मालविका ने दी प्रस्तुति, पाया सम्मान
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। थूक बनाने की ग्रंथि के कैंसर का प्रदेश में पहला मामला सामने आया है। अपर शिमला की रहने वाली 48 साल की महिला इसकी चपेट में आई थी। हालांकि समय पर उपचार मिलने के बाद अब महिला की हालत में सुधार है और वह मौजूदा समय में चिकित्सा लाभ ले रही हैं।
राजकीय दंत महाविद्यालय एवं चिकित्सालय शिमला की ओरल मेडिसिन और रेडियोलॉजी विभाग की डॉ. मालविका ने विजयवाड़ा आंध्र प्रदेश में ट्रिपल ओ संगोष्ठी में यह जानकारी दी। इस संगोष्ठी में 700 विशेषज्ञ डॉक्टरों ने हिस्सा लिया। डॉ. मालविका ने बताया कि पैरोटिड ग्रंथि के लिंफोएपिथेलियल कार्सिनोमा एक प्रकार का दुर्लभ कैंसर है। डॉक्टर ने बताया कि यह कैंसर कैनेडा, कोरिया और चाइना में पुरुषों में पाया जाता है। कहा कि महिला मुंह में सूजन की समस्या लेकर शिमला मेडिकल कॉलेज आई तो इसकी खून की जांच की। जबड़े का एक्सरे और एमआरआई भी करवाया। कैंसर को लेकर जब संशय हुआ तो एफएनएसी (फाइन-नीडल एस्पिरेशन साइटोलॉजी) टेस्ट करवाया। जांच में बीमारी का पता लगने के बाद उपचार शुरू किया गया। अब महिला की हालत में सुधार है। इसके लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ प्रस्तुति पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
विज्ञापन
डॉ. मालविका ने बताया कि यह प्रस्तुति कॉलेज प्राचार्य डॉ. आशु गुप्ता, विभागाध्यक्ष डॉ. गुरु प्रसाद, डॉ. नीता, डॉ. श्रुति, डॉ. सीमा, डॉ. सतीश और पीजी सहयोगी डॉ. अजय और डॉ. अर्चना के सहयोग से पूरी हो पाई है। डेंटल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आशु गुप्ता ने बताया कि पहली बार इस तरह के मामले पर सर्वश्रेष्ठ पुरस्कार मिला है।
विज्ञापन