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Shimla News: चालकों को 10 फीसदी वेतन वृद्धि पर भड़के सैहब कर्मचारी

Sat, 07 Nov 2026 11:59 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sat, 07 Nov 2026 11:59 PM IST
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Sahab employees outraged over 10% salary hike for drivers
सफाई कर्मचारियों से हो रहा भेदभाव : यूनियन
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स्लैब व्यवस्था को पारदर्शी तरीके से लागू करने की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में नगर निगम की ओर से सैहब सोसायटी के चालकों के वार्षिक वेतन में 10 फीसदी बढ़ोतरी को मंजूरी देने के फैसले पर कर्मचारी यूनियन ने नाराजगी जताई है।
यूनियन का कहना है कि सैहब सोसायटी की गवर्निंग बॉडी की बैठक में लिया यह फैसला भेदभावपूर्ण है। सोसायटी के तहत घर-घर से कूड़ा उठाने वाले कर्मचारियों, सफाई कर्मियों और सुपरवाइजरों ने वेतन वृद्धि के मामले में भेदभाव करने का आरोप लगाया है। यूनियन का कहना है कि शहर की सफाई व्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले फील्ड कर्मचारियों को उनकी मेहनत के अनुरूप आर्थिक लाभ नहीं मिल रहा है, जबकि एक विशेष श्रेणी के कर्मचारियों को 10 फीसदी वेतन वृद्धि देने का निर्णय लिया है। सैहब सोसायटी कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष जसवंत सिंह ने मांग की है कि नगर निगम सभी श्रेणियों के कर्मचारियों को वेतन वृद्धि का लाभ दे। उन्होंने कहा कि शुक्रवार को हुई बैठक में निगम ने चालकों के वेतन में तो 10 फीसदी बढ़ोतरी को मंजूरी दी, लेकिन अन्य श्रेणियों के कर्मचारियों को इसका लाभ नहीं दिया गया। यूनियन को चालकों की वेतन वृद्धि पर कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन अन्य कर्मचारियों को भी समान रूप से लाभ मिलना चाहिए। यूनियन के अनुसार एजीएम में कर्मचारियों के लिए छह, आठ और 10 फीसदी वेतन वृद्धि की स्लैब व्यवस्था स्वीकृत की है। ऐसे में प्रशासन को स्पष्ट करना चाहिए कि इस व्यवस्था के तहत किस श्रेणी के कर्मचारियों को कितनी वेतन वृद्धि का लाभ दिया जा रहा है। यूनियन ने आरोप लगाया कि डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने वाले और सफाई कर्मचारी करीब 12 से 15 हजार रुपये मासिक वेतन पर काम कर रहे हैं, जबकि चालकों का वेतन 25 से 30 हजार रुपये और कुछ कर्मचारियों का वेतन 32 से 35 हजार रुपये तक है। अध्यक्ष जसवंत सिंह ने कहा कि सुबह से शाम तक घर-घर जाकर कूड़ा एकत्र करने और शहर को साफ रखने वाले कर्मचारियों को भी आर्थिक सुरक्षा और सम्मानजनक वेतन मिलना चाहिए। यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि कर्मचारियों की मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं हुई तो लोकतांत्रिक तरीके से अगला कदम उठाया जाएगा। इसके लिए जल्द ही सामूहिक बैठक आयोजित करने की तैयारी की जा रही है।
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कर्मचारियों की मांगों पर होगा विचार
मेयर सुरेंद्र चौहान ने कहा कि घरों से कूड़ा उठाने वाले सैहब सोसायटी के कर्मचारियों को भी दस फीसदी वेतन बढ़ोतरी देने को लेकर जल्द चर्चा होगी। चालकों की तनख्वाह ज्यादा नहीं है। इन्हें नियमों के तहत ही वेतनवृद्धि दे रहे हैं।
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