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Shimla News: ग्रामीण सड़कों पर सबसे ज्यादा हादसे, इस साल अब तक 50 लोगों की मौत

Fri, 23 Oct 2026 11:59 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Fri, 23 Oct 2026 11:59 PM IST
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Rural roads have the highest number of accidents, with 50 deaths so far this year.
जिले में 211 सड़क हादसों में 90 लोग गंवा चुके हैं जान, ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक जानलेवा साबित हो रहे हादसे
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गांवों की संकरी सड़कों पर अब तक 53 हादसे
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। जिला शिमला में वर्ष 2026 में अब तक हुए 211 सड़क हादसों में 90 लोगों की जान जा चुकी है। चौंकाने वाली बात यह है कि जिले की ग्रामीण सड़कों पर हादसों में मरने वालों की संख्या सबसे अधिक है।
अब तक ग्रामीण सड़कों पर इस साल हुए 53 हादसों में 50 लोगों की मौत हो चुकी है। यह संख्या जिले में सड़क दुर्घटनाओं में हुई कुल 90 मौतों के आधे से भी अधिक है। नेशनल हाईवे पर 95 हादसों में 14 लोगों की मौत हुई जबकि स्टेट हाईवे पर 23 हादसों में नौ लोगों ने जान गंवाई। अन्य संपर्क सड़कों पर 27 लोगों की मौत हुई है। यह आंकड़े बताते हैं कि सड़क सुरक्षा की चुनौती केवल राष्ट्रीय राजमार्गों तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण सड़कों पर भी गंभीर स्थिति बनी हुई है। शुक्रवार को जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में यह आंकड़े सामने आए।
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उपायुक्त अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में हुई बैठक में सड़क हादसों पर अंकुश लगाने के लिए जनवरी तक विशेष सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाने का निर्णय लिया गया। त्योहारी सीजन और नववर्ष को देखते हुए शिक्षण संस्थानों में भी विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि विद्यार्थियों और आम लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया जा सके। राज्य स्तर पर वर्ष 2026 में अब तक 1,651 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गई हैं। इनमें 757 लोगों की मौत हुई है, जबकि 2,597 लोग घायल हुए हैं।
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डीसी अनुपम कश्यप ने कहा कि त्योहारी सीजन और नववर्ष के मद्देनजर जनवरी तक विशेष सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने सभी उपमंडल अधिकारियों को अपने क्षेत्रों में सड़कों की मरम्मत के लिए प्रस्ताव उपायुक्त कार्यालय को भेजने के निर्देश दिए। इन कार्यों के लिए तुरंत बजट उपलब्ध करवाया जाएगा। इसके साथ ही जिले के प्राथमिक स्कूलों के भवनों की मरम्मत के लिए भी बजट मुहैया करवाया जाएगा।



तीन श्रेणियों की सड़कों पर 171 हादसे
जिले में वर्ष 2026 के दौरान अब तक 211 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गई हैं। इनमें 90 लोगों की मौत हुई है, जबकि 70 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। इसके अलावा 227 लोगों को मामूली चोटें आई हैं। सड़क श्रेणी के अनुसार नेशनल हाईवे पर सबसे अधिक 95 दुर्घटनाएं दर्ज की गईं। इनमें 14 लोगों की मौत हुई और 133 लोग घायल हुए। स्टेट हाईवे पर 23 हादसों में नौ लोगों की जान गई जबकि 48 लोग घायल हुए। ग्रामीण सड़कों पर 53 हादसों में 50 लोगों की मौत हुई और 77 लोग घायल हुए।



रात 9 से 12 बजे के बीच ज्यादा हादसे
जिले में सड़क हादसों का एक बड़ा हिस्सा रात के समय हो रहा है। सुबह 9 से दोपहर 12 बजे के बीच 45 हादसे दर्ज किए गए, जबकि रात 9 से 12 बजे के बीच 48 दुर्घटनाएं हुईं। आंकड़ों के अनुसार, इन दोनों समय में हादसों की संख्या अधिक रही। ओवरस्पीड और रैश ड्राइविंग के 84 मामले सामने आए हैं, जबकि नशे में वाहन चलाने के सात मामले दर्ज किए गए। बैठक में अतिरिक्त एडीएम (प्रोटोकॉल) ज्ञान सागर नेगी, नगर निगम के अतिरिक्त आयुक्त भुवन शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गौरवजीत सिंह, एसडीएम कोटखाई डॉ. मनु वर्मा, एसडीएम कुमारसैन मुकेश कुमार, एसडीएम ठियोग डॉ. मेजर शशांक गुप्ता, एसडीएम जुब्बल गुरमीत नेगी, एसडीएम सुन्नी राजेश वर्मा, जिला परिवहन अधिकारी मोहन शर्मा, स्वास्थ्य विभाग से डॉ. ईशा गुप्ता और लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता राजेश अग्रवाल सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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