चितंपूर्णी में हिमाचल-पंजाब बॉर्डर सील होने की अफवाह से हड़कंप
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हिमाचल-पंजाब सीमा 21 से 31 मार्च तक सील होने की अफवाह गुरुवार को चिंतपूर्णी क्षेत्र में फैल गई। इससे क्षेत्र में दिन भर हड़कंप मचा रहा। हालांकि, इस तरह के किसी भी निर्णय को डीसी ऊना राघव शर्मा ने नकारा है। डीसी ऊना राघव शर्मा ने बताया कि पंजाब-हिमाचल बॉर्डर सील होने के कोई आदेश जारी नहीं हुआ है।
कोरोना संक्रमण की स्थिति को लेकर कैबिनेट की बैठक होनी है। इसमें लिए जाने वाले निर्णय की जानकारी लोगों को दे दी जाएगी। कैबिनेट के निर्णयों के बाद एसओपी जारी की जाएगी। बॉर्डर सील करने को लेकर न सरकार और न ही जिला प्रशासन ने कोई निर्णय लिया है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाह में न आएं।
मैड़ी में धार्मिक स्थलों के दर्शन कर सकेंगे श्रद्धालु
मैड़ी स्थित धार्मिक स्थलों में श्रद्धालु दर्शन कर सकेंगे। यहां दर्शन को लेकर कोई मनाही नहीं रहेगी। हालांकि श्रद्धालुओं को इसके लिए भी एसओपी सख्ती के साथ अपनाने होंगे। बिना एसओपी दर्शन नहीं हो पाएंगे। जिला के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल बाबा बड़भाग सिंह मैड़ी में आयोजित होने वाले होली मेला को लेकर कोविड-19 से बचाव एवं रोकथाम के लिए जिला प्रशासन द्वारा एसओपी जारी की गई है। एसओपी में श्रद्धालु आगमन से 72 घंटे के अंदर जारी कोविड-19 निगेटिव रिपोर्ट के साथ ही यात्रा करना जरूरी बताया गया है। मैड़ी मेला क्षेत्र में अस्थायी दुकानें लगाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। ताकि भीड़ एकत्रित न हो। भीड़ रोकने के लिए मैड़ी मेला क्षेत्र में सड़कों के किनारे या सार्वजनिक स्थानों पर लंगर एवं भंडारों पर प्रतिबंध रहेगा।
मेला क्षेत्र में किसी प्रकार के अस्थायी टेंट एवं तंबू इत्यादि में रहने पर प्रतिबंध रहेगा। मेला क्षेत्र में सराय, धर्मशाला इत्यादि को श्रद्धालुओं के रुकने के लिए प्रयोग नहीं किया जाएगा। धार्मिक स्थानों पर श्रद्धालुओं को दर्शन के लिए मास्क पहनना, कतार में चलना और परिसर की सैनिटाइजेशन की व्यवस्था गुरुद्वारा प्रबंधन द्वारा की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग द्वारा कोविड-19 के लक्षणों के लिए स्क्रीनिंग की व्यवस्था की जाएगी। भीड़ को एकत्रित होने से रोकने के लिए होल्डिंग एरिया चिन्हित किए जाएंगे। इस संबंध में डीसी ऊना राघव शर्मा ने बताया कि मैड़ी स्थित धार्मिक स्थलों में दर्शन करने पर मनाही नहीं है। यहां कोई भी आकर दर्शन कर सकता है, बशर्ते उन्हें प्रशासन द्वारा जारी एसओपी का पालन करना होगा।