बोर्डों-निगमों में भर्ती के लिए बनेंगे एक समान नियम, भर्ती से आयोग का इंकार
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हिमाचल प्रदेश के बोर्डों, निगमों और स्वायत्त संस्थानों में भर्ती के एक समान नियम बनेंगे। कुछ बोर्डों-निगमों ने राज्य लोक सेवा आयोग को भर्ती की संस्तुति भेजी तो आयोग ने इससे इंकार कर दिया। आयोग ने कहा कि पहले स्टैंडर्ड नियम बनाए जाएं।
उसी के बाद भर्ती हो पाएंगी। अब बीच में हस्तक्षेप करते हुए राज्य सरकार के कार्मिक विभाग ने कहा है कि बोर्डों और निगमों तथा सार्वजनिक क्षेत्र के अन्य स्वायत्त संस्थान पहले एक समान नियम बनाएं, जैसे कि आयोग को वांछित है, उसी के बाद भर्ती की संस्तुति भेजें।
हाल ही में जयराम सरकार ने विधेयक पारित कर आयोग को भर्ती की ये शक्तियां दी हैं। इस बिल को राज्यपाल की मंजूरी मिल गई है, जिसके बाद राज्य में नई व्यवस्था लागू हो गई। आयोग ने पाया है कि विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए संस्तुतियां आ रही हैं मगर बोर्ड, निगम और स्वायत्त इकाइयों के या तो भर्ती एवं पदोन्नति नियम बने हुए हैं या फिर ये स्टैंडर्ड फार्मेेट पर बने हुए नहीं हैं।
इनमें से कई निगम-बोर्ड तो बीओडी के मिनटों के हिसाब से भर्तियां कर रहे हैं। कुछ ने महज पॉलिसी स्टेटमेंट ही बना रखी हैं। इनमें कई तरह की खामियां हैं। कार्मिक विभाग ने आयोग के इस स्टेटस को स्पष्ट करते हुए कहा है कि भर्तियों की ये तमाम संस्तुतियां फॉर्म 23 पर आनी चाहिए। यह दिशा-निर्देश तमाम संबंधित अधिकारियों को भेजे जाने के निर्देश दिए गए हैं।
सहकारी बैंकों में भी बनाने होंगे ऐसे ही नियम
अधिकारियों और कर्मचारियों की भर्तियों के लिए सहकारी बैंकों को भी ऐसे ही तय प्रारूप पर नियम बनाने होंगे। सहकारी बैंकों की भर्तियां भी अब राज्य लोक सेवा आयोग को दी गई हैं।