फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   ruckus in mc shimla monthly meeting

गारबेज कलेक्शन फीस में धांधली, एमसी की बैठक में जमकर हुआ हंगामा

Tue, 27 Feb 2018 09:48 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Updated Tue, 27 Feb 2018 09:48 AM IST
विज्ञापन
ruckus in mc shimla monthly meeting

डोर टू डोर गारबेज क्लेक्शन फीस में कथित धांधली को लेकर नगर निगम की मासिक बैठक में खूब हंगामा हुआ। एक निजी स्कूल से मासिक शुल्क छह हजार वसूल किया जा रहा है लेकिन निगम के खाते में सिर्फ 50 रूपये जमा किए जा रहे हैं। 

विज्ञापन


यह एक अकेला उदाहरण नहीं है कई जगह इस तरह की धांधलियों की शिकायतें आ रही हैं। न्यू शिमला की पार्षद कुसुम लता ठाकुर ने यह मुद्दा बैठक में उठाया। उनकी इस बात का कई पार्षदों ने समर्थन किया और कहा कि ऐसी धांधली करने वालों के खिलाफ पुलिस में एफआईआर दर्ज हो। 
विज्ञापन


कई होटलों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों में भी इस तरह की धांधली चली हुई है। निगम आयुक्त ने कहा कि सैहब सोसाइटी के तहत कितनी - कितनी फीस वसूली जा रही है इसका डाटा तैयार किया जा रहा है। मौजूदा समय में पूरा डाटा न होने की वजह से दिक्कत आ रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन

गारबेल कलेक्शन को लेकर मेयर ने दिए ये आदेश

ruckus in mc shimla monthly meeting

डाटा पूरा होने के बाद कोई भी किसी तरह की गड़बड़ी नहीं कर पाएगा। एक घर से कूड़े के उठाने की मासिक दर 75 नहीं 70 रुपये है। महापौर कुसुम सदरेट ने कहा कि डोर टू डोर गारबेज क्लेक्शन को लेकर शहर की हालत बहुत ही बुरी है। 

बैठक में उन्होंने अफसरों को निर्देश दिए हैं कि ऐसा प्रावधान करो जो कर्मचारी काम में लापरवाही करता है और गैरहाजिर रहता है उसे तुरंत नौकरी से निकाल दो। बैठक में पहली बार शिमला ग्रामीण के विधायक विक्रमादित्य सिंह ने भी हिस्सा लिया।

बालूगंज की पार्षद किरण बावा ने सवाल पूछा कि घंडल पेयजल परियोजना से शिमला ग्रामीण के तहत आने वाले वार्डों टूटु , बालूगंज, चक्कर में पानी दिया जाए। मौजूदा समय में इन वार्डों में तीन तीन दिन बाद पानी आता है।

इसका जवाब देते हुए विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि उन्होंने पहले ही इस मुद्दे पर संबंधित विभाग के अधिकारियों से बात कर ली है उन्होंने बताया है कि आईपीएच पानी की सप्लाई नगर निगम को दे रहा है और इन इलाकों में नगर निगम के जरिए ही पानी की सप्लाई दी जा रही है। आईपीएच और नगर निगम के पानी के बिलों में कुछ असमानताएं हो सकती हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed