हिमाचल विस सत्रः इस मामले पर सदन में हुआ जोरदार हंगामा
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हिमाचल विधानसभा बजट सत्र में फिर जोरदार हंगामा देखने को मिला। हिमाचल विधानसभा में पूर्व सरकार के समय खोले गए शिक्षण संस्थानों के भविष्य पर जमकर हंगामा हुआ।
यह हंगामा उस समय हुआ, जब कांग्रेस विधायक विक्रमादित्य सिंह ने पूर्व सरकार के समय खोले गए शिक्षण संस्थानों को बंद करने से संबंधित सवाल किया। उत्तर में शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि पूर्व सरकार ने बिना नॉर्म्स के शिक्षण संस्थान खोले हैं।
इन्हें खोलने के लिए वित्त विभाग की अनुमति भी नहीं ली गई है। कई संस्थान ऐसे हैं, जहां बच्चे नहीं हैं। ऐसे में सरकार भविष्य में ऐसे संस्थानों को बंद या मर्ज करने पर पुनर्विचार कर रही है। मंत्री के जवाब पर कांग्रेस विधायकों ने आपत्ति जताई।
कांग्रेस विधायक दल के नेता मुकेश अग्निहोत्री ने कहा - जबसे बजट सत्र चला है, तबसे सत्ता पक्ष प्रश्नों के उत्तर सही तरह से नहीं दे रहा है। बार-बार यह कहा जा रहा है कि पूर्व सरकार के दौरान किए गए कार्यों की जांच होगी या फिर उन्हें बंद किया जाएगा।
सत्ता पक्ष के पास सिर्फ यही रटा-रटाया जवाब है। पक्ष-विपक्ष के बीच तल्खी को देखते हुए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को हस्तक्षेप करना पड़ा। उन्होंने कहा कि सरकार बिना नियमों के खुले संस्थानों को बंद करने के बजाय पुनर्विचार करने की बात कह रही है।
उन्होंने शिक्षा मंत्री का बचाव करते हुए कहा - उनकी तरफ से प्रश्न का सटीक उत्तर दिया गया है। सरकार के पास पूरे तथ्य हैं कि कितने संस्थानों को वित्त विभाग की अनुमति एवं बिना नियमों के खोला है।
नियमों को रखा ताक पर
शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि भाजपा सरकार ने राजनीतिक द्वेष से काम नहीं किया है। प्राइमरी स्कूल को डेढ़ किलोमीटर के दायरे में खोला जाता है। इसमें 6 बच्चे, जिनकी आयु 6 से 11 आयु के बीच होनी चाहिए। मिडल स्कूल में 3 किलोमीटर के दायरे में 25 बच्चे होने चाहिए।
नए युग के सूत्रधार कहने पर भड़के कांग्रेस विधायक दल के नेता
शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज के मुख्यमंत्री जयराम को नए युग के सूत्रधार बताने पर मुकेश अग्निहोत्री भड़क गए। उन्होंने कहा कि क्या भाजपा के आने से ही नए युग की शुरुआत हुई है? इससे पहले भी हिमाचल में कांग्रेस सरकार रही और शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता बढ़ने के साथ कई अवार्ड मिले।