ये कैसा स्कूल, बच्चों को बैठने के लिए न कमरे, न टाट पट्टी
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रोहल स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में अव्वल रहने का दम भरने वाली प्रदेश सरकारों के सभी दावों की पोल खोल रहा है। कई सालों से रोहल स्कूल में एक भवन में तीन-तीन स्कूलों की कक्षाएं लग रही हैं। स्कूल में क्लास रूम तीन और कक्षाएं 16 चल रही हैं। ऐसे में कई कक्षाएं के बच्चे खुले आसमान तले पढ़ाई कर रहे हैं। इतना ही नहीं उनको बैठने के लिए टाट पट्टी तक नसीब नहीं हो रही है।
कुछ बच्चे स्कूल के बरामदे पढ़ने को मजबूर हैं। बारिश में तो हालत और भी खराब हो जाती है। उच्च स्कूल रोहल में केंद्रीय प्राथमिक स्कूल रोहल तथा प्राथमिक स्कूल मझवाड़ी भी चल रहा है। उच्च स्कूल में छात्रों की संख्या करीब 90 है। प्राथमिक स्कूल रोहल तथा प्राथमिक स्कूल मझवाड़ी में छात्रों की संख्या मिलाकर करीब 30 है। इसके चलते तीन क्लास रूप में पहली से दसवीं तक के छात्रों को पढ़ाना शिक्षकों के लिए भी संभव नही है।
ऐसी स्थिति में बच्चों को मजबूरन स्कूल के बरामदे तथा मैदान में पढ़ाना पड़ रहा है। प्राथमिक स्कूल मझवाड़ी तथा केंद्रीय प्राथमिक स्कूल रोहल के लिए नया भवन बनाने की मांग लंबे समय से चल रही है। लेकिन स्कूल भवन निर्माण के लिए कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है। रोहल में शिक्षा व्यवस्था रामभरोसे है। जिससे बच्चों के अभिभावक भी काफी चिंतित है। हाई स्कूल रोहल में कुल मिलाकर आठ कमरे हैं। इनमें से तीन कमरों में बच्चों की पढ़ाई, दो में ऑफिस, दो कंप्यूटर रूम और एक स्टोर है।
भवन निर्माण के लिए अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की
उच्च स्कूल रोहल के प्रंबधन समिति अध्यक्ष कृपाल सिंह ने बताया कि स्कूल भवन में मात्र तीन कक्षा के कमरे हैं। भवन के अभाव में बच्चों को इधर-उधर पढ़ाई करनी पड़ रही है। केंद्रीय प्राथमिक स्कूल रोहल के प्रबंधन समिति अध्यक्ष सतीश ने बताया कि मझवाड़ी व रोहल स्कूल के पास अपने भवन नहीं है।
उच्च स्कूल रोहल में एक कमरा दोनों स्कूल के लिए दिया गया है। इस संबंध में शिक्षा विभाग को भी अवगत करवाया गया है। लेकिन स्कूल भवन निर्माण के लिए कोई पहल नहीं की जा रही है। उच्च स्कूल रोहल के मुख्याध्यापक मनमोहन सिंह ने माना कि स्कूल
भवन में तीन क्लास रूम हैं। ऐसे में सभी बच्चों का कमरों में पढ़ाने में मुश्किलें पेश आ रही हैं। खंड प्राथमिक शिक्षा अधिकारी ठाकुर सैन कपटा ने बताया कि मामला उनके ध्यान में है। शिक्षा विभाग को इस संबंध में अवगत करवाया गया है। Published by Arvind Thakur