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हिमाचल में मशीन से साफ होंगी सड़कें, धूल इकट्ठा कर बनाई जाएंगी टाइलें
Sun, 03 Mar 2019 11:02 AM IST
ashok chauhan
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Published by: ashok chauhan
Updated Sun, 03 Mar 2019 11:02 AM IST
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मशीन से धूल सोखकर हिमाचल की सड़कें साफ की जाएंगी और सोखी गई धूल का इस्तेमाल टाइलें बनाने में किया जाएगा। हिमाचल में नई तकनीक से सड़कों की सफाई शुरू होने जा रही है। डस्ट स्वीपिंग मशीन की मदद से हिमाचल में बढ़ती धूल को कम करने की कोशिश की जाएगी।
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राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड पीपीपी मोड पर निजी कंपनी की ओर से विकसित इस मशीन को निकायों को उपलब्ध कराया जाएगा ताकि वातावरण में प्रदूषण फैलाने वाली धूल को कम किया जा सके।
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सड़कों की धूल से ऐसे बनाई जाएंगी टाइलें
बोर्ड के सदस्य सचिव डॉ. आरके प्रूथी ने बताया कि पीपीपी मोड पर मुहैया कराई जाने वाली इस मशीन की मदद से सड़कों की सफाई के साथ ही इन पर मौजूद धूल को सोख लिया जाएगा।
इसके बाद इसी धूल का टाइल बनाने जैसे कार्यों में इस्तेमाल किया जाएगा। ट्रायल के तौर पर इस मशीन को मंडी में होने वाले शिवरात्रि मेले के दौरान उपयोग में लाया जाएगा।
प्रूथी ने बताया कि चूंकि हिमाचल के सात शहर बद्दी, नालागढ़, पांवटा साहिब, कालाअंब, सुंदर नगर और डमटाल पहले से ही उन शहरों की सूची में शामिल है जहां हवा में खतरनाक कण ज्यादा हैं। ऐसे में यह मशीन इन शहरों में हवा के प्रदूषण को कम करने में अहम रोल अदा कर सकती है।
इसके बाद इसी धूल का टाइल बनाने जैसे कार्यों में इस्तेमाल किया जाएगा। ट्रायल के तौर पर इस मशीन को मंडी में होने वाले शिवरात्रि मेले के दौरान उपयोग में लाया जाएगा।
प्रूथी ने बताया कि चूंकि हिमाचल के सात शहर बद्दी, नालागढ़, पांवटा साहिब, कालाअंब, सुंदर नगर और डमटाल पहले से ही उन शहरों की सूची में शामिल है जहां हवा में खतरनाक कण ज्यादा हैं। ऐसे में यह मशीन इन शहरों में हवा के प्रदूषण को कम करने में अहम रोल अदा कर सकती है।