Shimla News: नोगली में भूस्खलन से क्षतिग्रस्त हाईवे से सतलुज नदी में गिरी कार, दो महिलाओं सहित चार लोग लापता
रामपुर के समीप नोगली में भूस्खलन से क्षतिग्रस्त हुए नेशनल हाईवे-5 पर अनियंत्रित होकर एक कार सतलुज नदी में जा गिरी। कार में सवार चार लोग नदी में लापता बताए जा रहे हैं।
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हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले में रामपुर के समीप नोगली में भूस्खलन से क्षतिग्रस्त हुए नेशनल हाईवे-5 पर अनियंत्रित होकर एक कार सतलुज नदी में जा गिरी। कार में सवार चार लोग नदी में लापता बताए जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार मंगलवार शाम करीब 4:00 बजे भूस्खलन के चलते हाईवे का करीब 30 मीटर हिस्सा धंस गया था। इसके बाद रात करीब 10:00 बजे दत्तनगर से रामपुर की ओर जा रही का हाईवे की धंसी हुई जगह पर अनियंत्रित होकर नदी में गिर गई। हादसे के समय कार में मेहर सिंह(32) पुत्र ईश्वर दास, शीतल(28) पत्नी मेहर सिंह, राजीव(30) पुत्र लायक राम, सुंदला देवी(56) पत्नी लायक राम सवार थे। सभी लापता बताए जा रहे हैं। प्रशासन की ओर से तलाशी अभियान चलाया गया है। सतलुज नदी का जलस्तर बहुत ज्यादा होने के कारण टीम को तलाशी अभियान में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
फूंजा में खड्ड में बहा व्यक्ति
उपमंडल रामपुर की फूंजा पंचायत में एक व्यक्ति का खड्ड में बह गया। सूचना मिलते ही पंचायत प्रधान शशि जिंटा और ग्रामीणों ने व्यक्ति को ढूंढने का हर संभव प्रयास किया लेकिन लापता व्यक्ति का अभी तक कोई सुराग नहीं लग पाया है। पंचायत प्रधान ने इसकी सूचना झाकड़ी थाना में दी। इसके बाद सूचना मिलते ही थाने से पुलिस के जवान मौके पर पहुंचे और तलाशी अभियान चलाया। खड्ड में पानी का बहाव तेज होने के कारण अभी तक व्यक्ति के बारे में कोई सुराग नहीं लगा है। पंचायत प्रधान ने एसडीएम रामपुर से मौके पर एनडीआरएफ की टीम भेजने की मांग की है। लापता की पहचान प्रेम लाल पुत्र सूरी राम निवासी गांव शाह रूडी के रूप में है। पंचायत प्रधान ने कहा कि बरसात से पंचायत क्षेत्र को काफी नुकसान पहुंचा है। नुकसान के लिए उन्होंने भवानी परियोजना प्रबंधन को जिम्मेवार ठहराया है और नुकसान की भरपाई परियोजना से पूरी करने की मांग सरकार और प्रशासन के समक्ष रखी है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2021 से परियोजना प्रबंधन के साथ पत्राचार किया जा रहा है, लेकिन परियोजना प्रबंधन कोई सुनवाई नहीं कर रहा है। परियोजना से खड्ड पर पुल बनाने की मांग भी रखी गई थी, लेकिन परियोजना प्रबंधन मांगों को लेकर गंभीर नहीं है। खड्ड में तेज बहाव के साथ साथ भारी मात्रा में भूस्खलन भी हो रहा है।