निदेशक ने गर्ल्स स्कूल में मारा छापा, क्लासरूम में पहुंचे तो दंग रह गए
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सरकारी स्कूलों में सभी सुविधाएं देने के बावजूद विद्यार्थियों की संख्या घटने का एक बड़ा कारण शिक्षकों की लापरवाही भी है। इसका ताजा उदाहरण देखने को मिला है। राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना निदेशक आशीष कोहली ने धर्मशाला के गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल का औचक निरीक्षण किया।
इस दौरान स्कूल में मात्र 16 छात्राएं ही उपस्थित पाई गईं, जबकि दो अप्रैल से शुरू हुई प्रवेश प्रक्रिया के तहत 402 छात्राओं ने स्कूल में दाखिला ले लिया है।
शैक्षणिक सत्र शुरू होने के बाद भी पढ़ाई शुरू नहीं होने के मामले पर निदेशक ने कड़ा संज्ञान लेकर प्रिंसिपल को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। उधर, शिक्षा सचिव अरुण कुमार शर्मा ने भी निदेशक से मामले को लेकर रिपोर्ट मांगी है।
पढ़ाना भी शुरू नहीं किया
दो अप्रैल से प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों में जमा एक और जमा दो कक्षा में प्रवेश की प्रक्रिया शुरू हुई है। ग्रीष्मकालीन स्कूलों में पहली से लेकर दसवीं कक्षाओं में इन दिनों प्रवेश प्रक्रिया जारी है।
सरकार के आदेशानुसार एडमिशन लेने के साथ ही स्कूलों में शैक्षणिक सत्र भी शुरू किया जाना है, लेकिन गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल धर्मशाला में सरकार के इन आदेशों का पालन नहीं हो रहा है।
शुक्रवार को राज्य परियोजना निदेशक के औचक निरीक्षण के दौरान स्कूल में छठी से नवीं कक्षा की 16 छात्राएं ही स्कूल में हाजिर मिलीं, जबकि स्कूल में 402 छात्राओं ने अभी तक प्रवेश ले लिया है।
शैक्षणिक सत्र शुरू नहीं करने पर निदेशक ने प्रिंसिपल से जवाबतलबी की है। उधर, जो छात्राएं स्कूल में हाजिर पाई गईं, उन्हें भी पढ़ाना शुरू नहीं किया गया है। शुक्रवार को विभिन्न कक्षाओं में पढ़ने वाली यह छात्राएं एक साथ ही बिठाई गई थीं। इस पर निदेशक ने कड़ा एतराज जताया।