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Shimla News: आईजीएमसी में आरकेएस कर्मियों की हड़ताल से बढ़ने लगी मुसीबतें
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दफ्तर में काम करने वालों से लिया जा रहा काम
कार्यालयों में प्रभावित हो रहा है रूटीन का कामकाज
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) में रोगी कल्याण समिति के कर्मचारियों की हड़ताल अब मुसीबत बनना शुरू हो गई है। दफ्तरों में काम करने वाले कर्मचारियों को अब ओपीडी के पंजीकरण केंद्रों के साथ कैश काउंटर का काम संभालना पड़ रहा है। इस कारण दफ्तर के रूटीन के कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
रोगी कल्याण समिति (आरकेएस) के तहत कार्यरत 53 कर्मचारी 27 अगस्त से हड़ताल पर हैं। आठ दिन से लगातार हड़ताल के कारण विभिन्न सीटों का काम पूरी तरह प्रभावित हो गया है। बताया जा रहा है कि हड़ताली कर्मचारियों से मिलने के लिए आईजीएमसी प्राचार्य डॉ. सीता ठाकुर भी पहुंची थीं। उन्होंने कर्मचारियों से काम पर लौटने का आग्रह किया। हालांकि कर्मचारियों ने दो टूक कहा कि जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं होती है, वह हड़ताल पर रहेंगे। हड़ताली कर्मियों में अधिकांश डाटा एंट्री ऑपरेटर का काम करते हैं। यह कर्मी रूटीन के कार्यों को निपटाने में पूरी तरह से दक्ष हैं।
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कार्यालयों में प्रभावित हो रहा है रूटीन का कामकाज
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) में रोगी कल्याण समिति के कर्मचारियों की हड़ताल अब मुसीबत बनना शुरू हो गई है। दफ्तरों में काम करने वाले कर्मचारियों को अब ओपीडी के पंजीकरण केंद्रों के साथ कैश काउंटर का काम संभालना पड़ रहा है। इस कारण दफ्तर के रूटीन के कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
रोगी कल्याण समिति (आरकेएस) के तहत कार्यरत 53 कर्मचारी 27 अगस्त से हड़ताल पर हैं। आठ दिन से लगातार हड़ताल के कारण विभिन्न सीटों का काम पूरी तरह प्रभावित हो गया है। बताया जा रहा है कि हड़ताली कर्मचारियों से मिलने के लिए आईजीएमसी प्राचार्य डॉ. सीता ठाकुर भी पहुंची थीं। उन्होंने कर्मचारियों से काम पर लौटने का आग्रह किया। हालांकि कर्मचारियों ने दो टूक कहा कि जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं होती है, वह हड़ताल पर रहेंगे। हड़ताली कर्मियों में अधिकांश डाटा एंट्री ऑपरेटर का काम करते हैं। यह कर्मी रूटीन के कार्यों को निपटाने में पूरी तरह से दक्ष हैं।
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