विजयवाड़ा की तर्ज पर विकसित होगा ये संगम स्थल, होगी आरती, पूजा-पाठ
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रदेश के सबसे प्रसिद्ध धार्मिक स्थल ब्यास-पार्वती संगम स्थल को देश-विदेश में नई पहचान दिलाने की दिशा में कवायद शुरू हो गई है। भुंतर स्थित जिया के ब्यास-पार्वती संगम स्थल को आंध्र प्रदेश के विख्यात धार्मिक स्थल विजयवाड़ा की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। यहां घाट का निर्माण होगा, जहां रोजाना सुबह-शाम ब्यास और पार्वती की आरती की जाएगी।
घाट में पूजा-पाठ भी किया जाएगा। जिला प्रशासन ने इसकी योजना तैयार कर दी है। घाट के निर्माण से धार्मिक महत्व को पर्यटन व संस्कृति से जोड़ना है। यहां आरती के साथ लोक नृत्य और गीत संगीत से हिमाचल की समृद्ध संस्कृति को उजागर किया जाएगा। भुंतर एयरपोर्ट से मात्र एक किलोमीटर दूर जिया स्थित ब्यास-पार्वती संगम की धार्मिक मान्यता है।
यहां साल भर कई मेलों का आयोजन होता है। 20 भादो मेला सबसे बड़ा मेला मनाया जाता है, जहां देवी-देवताओं के साथ हजारों लोग आस्था की डुबकी लगाते हैं। इसके अलावा संगम स्थल पर बैसाख, आषाढ़, श्रावण और माघ संक्रांति को जिले भर से लोग स्नान के लिए आते हैं।
अवैध खनन पर भी लगेगी रोक
नए रथ पर सवार होने वाले देवी-देवता भी संगम स्थल पर शाही स्नान के लिए पहुंचते हैं। यहां पर्यटन और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए सांस्कृतिक केंद्र कला बनेगा। इस कला केंद्र में शास्त्रीय संगीत, लोक नृत्य, संगीत, पेंटिंग आदि कार्यक्रमों को प्रस्तुति दी जाएगी।
उपायुक्त यूनुस ने कहा कि ब्यास-पार्वती संगम स्थल को विजयवाड़ा की भांति विकसित करने की दिशा में काम किया जा रहा है। इसके लिए एक प्लान तैयार कर सरकार को भेजा है।
ब्यास पार्वती संगम स्थल जिया के आसपास लगातार होने वाले अवैध खनन पर रोक लगेगी। संगम स्थल के दोनों तरफ खनन माफिया रात-दिन अवैध खनन कर तटों को खोखला कर रहा है। अवैध खनन से जिया गांव के लोग भी परेशान हैं।
नेचर पार्क बनाने का मामला उठाया- जागृति ग्राम संगठन जिया ने ब्यास-पार्वती संगम स्थल को पर्यटन की दृष्टि से सुंदर बनाने के लिए वन मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर को पत्र भेजकर यहां नेचर पार्क बनाने की बात कही है। वन मंत्री ने वन विभाग के प्रधान मुख्य अरण्यपाल को इस संदर्भ में उचित कार्रवाई करने के निर्देश दे दिए हैं।