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सरकार पर टिका धंस रहे रिज को बचाने का काम
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वन विभाग ने प्रस्ताव आला अधिकारियों को भेजी, एफसीए की दोबारा मांगी है मंजूरी
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। ऐतिहासिक रिज मैदान के धंस रहे हिस्से को बचाने का प्रोजेक्ट अब सरकार के फैसले पर टिका है। सरकार यदि यहां काम शुरू करने की अनुमति देती है तो नगर निगम स्मार्ट सिटी मिशन के तहत रिज बचाने का काम शुरू करवा सकता है।
जिला वन विभाग ने नगर निगम की ओर से मिला प्रस्ताव रिपोर्ट के साथ आला अधिकारियों को भेज दिया है। रिज मैदान के धंस रहे हिस्से को बचाने के लिए नगर निगम ने स्मार्ट सिटी मिशन के तहत करीब 22 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट तैयार किया है। लोनिवि से इस प्रोजेक्ट का काम करवाया जाना है। लेकिन जिस जगह से रिज को बचाने के लिए ढांचा खड़ा होना है, उसका कुछ हिस्सा वन भूमि का है। इस वन भूमि पर रवीनिया प्रजाति के 14 छोटे बड़े पेड़ हैं। नगर निगम ने मेयर की अगुवाई वाली ट्री कमेटी से इनका निरीक्षण करवाया और इन्हें काटने के लिए सब कमेटी से मंजूरी ले ली। लेकिन इस पर वन विभाग ने आपत्ति जताई थी कि वन भूमि पर पेड़ काटने या काम शुरू करने के लिए एफसीए के तहत मंजूरी लेनी ही होगी। इसकी फाइल नगर निगम को भेजी थी। बीते महीने निगम प्रशासन ने दोबारा वन विभाग को यह फाइल भेज दी।
निगम ने की है फैसले
पर पुनर्विचार की मांग
नगर निगम ने वन विभाग से इस मामले पर पुनर्विचार करने की मांग की है ताकि धंस रहे रिज मैदान को बचाने का काम न लटके। एफसीए के तहत मंजूरी लेने में महीनों लग जाएंगे तब तक स्मार्ट सिटी मिशन खत्म हो जाएगा। इतना बड़ा प्रोजेक्ट नगर निगम खुद नहीं कर सकता। ऐसे में राहत की मांग की है। वन विभाग ने इसके साथ रिपोर्ट भी आलाधिकारियों को भेज दी है। जल्द ही सरकार के स्तर पर इस पर चर्चा होने की उम्मीद है।
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अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। ऐतिहासिक रिज मैदान के धंस रहे हिस्से को बचाने का प्रोजेक्ट अब सरकार के फैसले पर टिका है। सरकार यदि यहां काम शुरू करने की अनुमति देती है तो नगर निगम स्मार्ट सिटी मिशन के तहत रिज बचाने का काम शुरू करवा सकता है।
जिला वन विभाग ने नगर निगम की ओर से मिला प्रस्ताव रिपोर्ट के साथ आला अधिकारियों को भेज दिया है। रिज मैदान के धंस रहे हिस्से को बचाने के लिए नगर निगम ने स्मार्ट सिटी मिशन के तहत करीब 22 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट तैयार किया है। लोनिवि से इस प्रोजेक्ट का काम करवाया जाना है। लेकिन जिस जगह से रिज को बचाने के लिए ढांचा खड़ा होना है, उसका कुछ हिस्सा वन भूमि का है। इस वन भूमि पर रवीनिया प्रजाति के 14 छोटे बड़े पेड़ हैं। नगर निगम ने मेयर की अगुवाई वाली ट्री कमेटी से इनका निरीक्षण करवाया और इन्हें काटने के लिए सब कमेटी से मंजूरी ले ली। लेकिन इस पर वन विभाग ने आपत्ति जताई थी कि वन भूमि पर पेड़ काटने या काम शुरू करने के लिए एफसीए के तहत मंजूरी लेनी ही होगी। इसकी फाइल नगर निगम को भेजी थी। बीते महीने निगम प्रशासन ने दोबारा वन विभाग को यह फाइल भेज दी।
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निगम ने की है फैसले
पर पुनर्विचार की मांग
नगर निगम ने वन विभाग से इस मामले पर पुनर्विचार करने की मांग की है ताकि धंस रहे रिज मैदान को बचाने का काम न लटके। एफसीए के तहत मंजूरी लेने में महीनों लग जाएंगे तब तक स्मार्ट सिटी मिशन खत्म हो जाएगा। इतना बड़ा प्रोजेक्ट नगर निगम खुद नहीं कर सकता। ऐसे में राहत की मांग की है। वन विभाग ने इसके साथ रिपोर्ट भी आलाधिकारियों को भेज दी है। जल्द ही सरकार के स्तर पर इस पर चर्चा होने की उम्मीद है।
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