संशोधित वेतनमान: सीएम कार्यालय में अटकी कर्मचारियों को तीसरा विकल्प देने की फाइल
नया संशोधित वेतनमान देने के लिए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने 25 जनवरी को नए विकल्प की घोषणा की थी। उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया था कि वह कर्मचारियों को कौन सा विकल्प देने जा रहे हैं। चूंकि अन्य दो विकल्प यानी 2.25 और 2.59 गुणक के भी पंजाब सरकार की तर्ज पर ही दिए गए हैं।
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संशोधित वेतनमान के लिए तीसरा विकल्प देने की फाइल मुख्यमंत्री कार्यालय में अटकी है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की हरी झंडी के बाद ही इस बारे में अधिसूचना जारी होगी। कर्मचारियों को नया संशोधित वेतनमान लेने के लिए कौन सा विकल्प चाहिए, इसके लिए उनके पास महज 10 दिन ही बचे हैं। मुख्यमंत्री पिछले कुछ दिनों से शिमला में नहीं हैं। वह अगर सोमवार को शिमला में होंगे तो इस संबंध में बनी फाइल पर हस्ताक्षर कर इसे हरी झंडी दे सकते हैं। नया संशोधित वेतनमान देने के लिए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने 25 जनवरी को नए विकल्प की घोषणा की थी।
उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया था कि वह कर्मचारियों को कौन सा विकल्प देने जा रहे हैं। चूंकि अन्य दो विकल्प यानी 2.25 और 2.59 गुणक के भी पंजाब सरकार की तर्ज पर ही दिए गए हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि पंजाब सरकार की तर्ज पर तीसरा विकल्प 31 दिसंबर 2015 के कर्मचारियों के बेसिक वेतन और डीए में सीधे 15 फीसदी बढ़ोतरी का ही हो सकता है। हालांकि, अभी इस मामले को गोपनीय रखा गया है। इसमें कुछ बदलाव होने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा रहा है।
बढ़ सकती है विकल्प देने की अंतिम तिथि
कर्मचारियों के लिए तीसरा विकल्प देने की अंतिम तिथि बढ़ सकती है। अभी यह 15 मार्च है। इसे 25 मार्च तक किया जा सकता है, क्योंकि अगले हफ्ते के बाद अगर तीसरे विकल्प की अधिसूचना जारी होती है तो यह संभव नहीं है कि सप्ताह भर में ही सभी कर्मचारियों से विकल्प ले लिए जाएं।
तीसरे विकल्प को देने या विकल्प की अवधि को बढ़ाने की अधिसूचना सोमवार के बाद ही जारी हो सकती है। तीसरे विकल्प की फाइल सीएम कार्यालय को भेजी गई है। जैसे ही मुख्यमंत्री से मंजूरी मिलती है तो अधिसूचना जारी हो जाएगी।
- प्रबोध सक्सेना, अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त
शिमला में कल रणनीति बनाएगा संयुक्त महासंघ
वहीं, हिमाचल प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों को संशोधित वेतनमान देने के लिए सरकार पर दबाव बनाने को हिमाचल संयुक्त महासंघ शिमला में रणनीति बनाएगा। पड़ोसी राज्य पंजाब की तर्ज पर प्रदेश के कर्मचारी सरकार से संशोधित वेतनमान मांग कर रहे हैं। सरकार के सत्ता में रहते पहली बार कर्मचारियों के एक वर्ग ने मोर्चा खोला है। शिमला के कालीबाड़ी हाल में 7 फरवरी को संयुक्त महासंघ से जुड़े 25 विभागों के कर्मचारी संगठनों के नेता मंथन करेंगे। इसके अलावा संयुक्त महासंघ के अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान के बयान देने पर सरकार के नोटिस जारी करने के मामले पर भी विचार होगा।
संयुक्त महासंघ के नेताओं का मानना है कि पंजाब सरकार अपने कर्मचारियों को आवास भत्ता 15 से 20 फीसदी तक दे रही है, जबकि हिमाचल में राजधानी में आवास भत्ता हजार रुपये देती है। पंजाब में सरकारी नौकरी पर लगे पति-पत्नी दोनों को आवास भत्ता देते हैं, जबकि हिमाचल में दोनों में से एक को यह भत्ता दिया जाता है। केंद्र और पंजाब सरकार ग्रेच्युटी दस लाख से बढ़ाकर बीस लाख दे रही है, जबकि हिमाचल में यह दस लाख रुपये दी जाती है।