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संशोधित वेतनमान: अश्वनी बोले- कर्मचारियों के लिए तीनों विकल्प दे हिमाचल सरकार
Fri, 14 Jan 2022 04:32 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Fri, 14 Jan 2022 04:32 PM IST
सार
हिमाचल प्रदेश अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ पहले ही लिखित रूप में दे चुका है कि कर्मचारियों के समक्ष तीन विकल्प रखे जाएं। जो कर्मचारी पसंद करे उसे लागू करें।पंजाब सरकार ने अपने कर्मचारियों को तीन विकल्प दिए हैं।
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हिमाचल अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ अध्यक्ष अश्वनी ठाकुर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पंजाब सरकार की तर्ज पर हिमाचल के कर्मचारी सरकार से संशोधित वेतनमान के लिए तीसरे विकल्प को लागू करने की मांग रहे हैं। अभी तक हिमाचल सरकार पंजाब के निर्धारित वेतन ही देती रही है। अन्य वित्तीय लाभ और भत्ते देने में पंजाब को आधार नहीं माना जाता है। हिमाचल प्रदेश अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ पहले ही लिखित रूप में दे चुका है कि कर्मचारियों के समक्ष तीन विकल्प रखे जाएं। जो कर्मचारी पसंद करे उसे लागू करें।
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पंजाब सरकार ने अपने कर्मचारियों को तीन विकल्प दिए हैं। इनमें से एक विकल्प चुनकर पंजाब सरकार ने अपने कर्मचारियों को देने को कहा है ताकि उसी आधार पर वहां के कर्मचारियों को वित्तीय लाभ दिया जा सके। इन तीन विकल्प में 2.25 फीसदी, 2.50 फीसदी या 15 फीसदी वेतन वृद्धि अपनाने का विकल्प सरकार ने चुनने को दिया है। हिमाचल सरकार की जारी अधिसूचना में तय संशोधित वेतनमान से उखड़े सरकारी कर्मचारी बुरी तरह से उखड़े हुए हैं, क्योंकि सिर्फ दो विकल्प दिए हैं।
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प्रदेश के सरकारी कर्मचारी संगठनों से जुड़े कर्मचारी दलील दे रहे हैं कि जब पंजाब सरकार के बराबर हिमाचल के कर्मचारियों को पहले भी वेतन दिया जाता रहा है तो इस बार तीन के बदले सिर्फ दो विकल्प ही क्यों दिए गए। जब प्रदेश सरकार कर्मचारियों पंजाब के बराबर वेतन देती रही है तो अब भेदभाव क्यों किया जा रहा है। प्रदेश के ढाई लाख कर्मचारियों का नेतृत्व कर रहे हिमाचल प्रदेश अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष अश्वनी ठाकुर कहते हैं कि सरकार को दो बार पत्र भेजा गया है। इसमें कहा है कि जब पंजाब ने तीन विकल्प दिए हैं तो फिर हिमाचल दो विकल्प क्यों दिए हैं।
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