'प्लीज मेरे पैसे लौटा दो, मेरी बेटी की शादी है'
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नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग से 42 साल नौकरी कर बतौर सुपरवाइजर सेवानिवृत्त हुए चरणजीत ने आत्मदाह की धमकी दी है। चरणजीत सिंह का आरोप है कि सेवानिवृत्त होने के दो साल बाद भी उसे ग्रेच्युटी और कम्युटेशन का भुगतान नहीं किया जा रहा।
इससे परेशान होकर चरणजीत ने ये कदम उठाने की तैयारी कर ली है। उन्होंने कहा कि आर्थिक तंगी का रोना रोकर निगम के अफसर उनकी मेहनत की कमाई पर डाका डालकर बैठे हैं।
भुगतान के नाम पर सिर्फ आश्वासन ही मिलते आए हैं। लेकिन अब सब्र टूटने लगा है। यदि जल्द ही उनके पैसे नहीं लौटाए गए तो वे आत्मदाह कर लेंगे।
दिसंबर में रखी है बेटी की शादी
एमसी के आश्वासनों पर उसने अपनी इकलौती बेटी की दिसंबर महीने में शादी भी रखी दी है लेकिन अब नगर निगम के अफसर भुगतान करने से मुकर गए हैं।
चरणजीत सिंह का आरोप है कि शुक्रवार को भुगतान की मांग को लेकर जब वह मेयर संजय चौहान के दफ्तर में गए तो उसे आफिस से धक्के देकर बाहर निकाल दिया।
सेवानिवृत्त सुपरवाइजर चरणजीत सिंह ने बताया है कि 42 साल नगर निगम को अपनी सेवाएं देने के बाद वह जुलाई 2012 में रिटायर हुए। ग्रेच्युटी के 3.82 लाख और कम्यूटेशन के 2.82 लाख रुपये बनते हैं। गुहार लगाई लेकिन भुगतान नहीं हुआ।