फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Report on utilization of Rs 143 crore budget sought from HPU

Shimla News: एचपीयू से 143 करोड़ के बजट के उपयोग की रिपोर्ट तलब

Tue, 09 Dec 2025 11:59 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 09 Dec 2025 11:59 PM IST
विज्ञापन
Report on utilization of Rs 143 crore budget sought from HPU
विवि को कई मदों के तहत स्वीकृत हुई यह राशि, करोड़ों रुपये का इस्तेमाल नहीं कर पाया है प्रबंधन, देना होगा जवाब
विज्ञापन

केंद्र से अगली किस्त मिलने में हो सकती है दिक्कत
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राज्य सरकार ने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला से रूसा-एक, रूसा-दो और पीएम ऊषा योजनाओं के तहत मिली 143 करोड़ रुपये की ग्रांट के उपयोग का पूरा ब्योरा तलब किया है।

सरकार ने विश्वविद्यालय प्रबंधन से रिपोर्ट मांगी है कि विभिन्न मदों में फंड कितना मिला, कितना खर्च हुआ और कितनी राशि अभी तक अप्रयुक्त (बिना इस्तेमाल) पड़ी है। करोड़ों रुपये की राशि का इस्तेमाल न होने पर अभ केंद्र से मिलने अगली किस्त में अड़ंगा लग सकता है। इस संबंध में शिक्षा सचिव की अध्यक्षता में इस सप्ताह समीक्षा बैठक होगी। एचपीयू को रूसा-एक के तहत करीब 20 करोड़, रूसा-दो में 20 करोड़, पीएम ऊषा योजना में 100 करोड़ तथा इक्विटी इनिशिएटिव के लिए 3 करोड़ रुपये की ग्रांट स्वीकृत हुई थी। इनमें से कई परियोजनाओं में प्रगति धीमी है जिसके चलते केंद्र सरकार ने राज्य सरकार को मार्च तक शेष राशि खर्च करने के निर्देश दिए हैं। तय समय सीमा में राशि का उपयोग न होने की स्थिति में विश्वविद्यालय को अगली किस्त मिलने में दिक्कत हो सकती है।
विज्ञापन


जानकारी के मुताबिक विश्वविद्यालय ने पीएम ऊषा योजना के तहत मल्टी डिसिप्लिनरी एजुकेशन एंड रिसर्च यूनिवर्सिटी (मेरू) मॉडल के लिए एक विस्तृत एक्शन प्लान तैयार करना था। विश्वविद्यालय से इस योजना में शोध कार्य, अधोसंरचना विकास और शैक्षणिक सुधारों से संबंधित प्रस्ताव भेजने को कहा था लेकिन अब तक परियोजनाओं के कार्यान्वयन की रफ्तार काफी धीमी है। सरकार ने विश्वविद्यालय से इस मॉडल पर स्पष्ट और लागू किए जाने वाले प्लान की ताजा स्थिति की जानकारी भी मांगी है। कई विभागों में परियोजनाएं तो स्वीकृत हुईं लेकिन जमीन पर गतिविधियां धीमी हैं। कुछ मदों में खर्च नगण्य दर्ज किया गया है जबकि कुछ हिस्सों में फाइलें लंबित बताई जा रही हैं। सरकार अब यह जानना चाहती है कि मंजूर की गई ग्रांट राशि के बावजूद विश्वविद्यालय फंडों का उपयोग समय पर क्यों नहीं कर सका। समीक्षा बैठक में फंड उपयोग, प्रशासनिक देरी और परियोजनाओं की वास्तविक प्रगति का विस्तृत मूल्यांकन किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article