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Shimla News: शहर में अब जून से ही जारी हो सकेंगे दुकानों-संपत्तियों के किराये के बिल
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संपदा शाखा के कर्मचारी चुनाव ड्यूटी पर, बिल जारी करने की प्रक्रिया लटकी
साॅफ्टवेयर अधूरा, ऑनलाइन भुगतान की सुविधा भी अभी नहीं मिलेगी
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में नगर निगम की 1,100 से ज्यादा दुकानों और अन्य संपत्तियों के किराया बिल अब जून में ही जारी हो पाएंगे। इसके अलावा बिलों के ऑनलाइन भुगतान की सुविधा भी अभी नहीं मिलेगी। साॅफ्टवेयर तैयार न होने और कर्मचारियों की चुनाव ड्यूटी के कारण बिल जारी करने की प्रक्रिया अटक गई है।
शहर में नगर निगम की 1,300 से ज्यादा संपत्तियां हैं जो किराये पर दी गई हैं। इनमें ज्यादातर दुकानें हैं। इसके अलावा जमीन और कई भवन भी किराये पर दिए गए हैं। निगम की संपदा शाखा हर साल अप्रैल से इन्हें किराये के बिल जारी करती है। इस बार यह प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई है। शाखा में स्टाफ की कमी है जो कर्मचारी यहां बचे हैं, उनमें भी कई चुनाव ड्यूटी पर हैं। ये जून में ही लौटेंगे। हालांकि, जो कारोबारी बिल देना चाहते हैं, उनके लिए संपदा शाखा में सुविधा दी जा रही है। इसके लिए कारोबारियों को यहां आकर बिल लेना पड़ेगा। निगम ने अप्रैल से किराया बिल जारी करने और इसके भुगतान की ऑनलाइन सुविधा शुरू करने का भी दावा किया था, लेकिन इसका सॉफ्टवेयर भी अभी पूरी तरह से तैयार नहीं हो पाया है। ऐसे में कारोबारियों को कैश काउंटर पर जाकर ही बिलों का भुगतान करना होगा। निगम प्रशासन का कहना है कि ऑनलाइन भुगतान के लिए साॅफ्टवेयर तैयार किया जा रहा है। जल्द ही इसकी सुविधा दी जाएगी।
डिफाल्टर नहीं दे रहे बिल, लाखों में पहुंची राशि
शहर में सैकड़ों कारोबारी ऐसे भी हैं जिन्होंने पिछले कई साल से दुकानों का किराया नहीं दिया है। इनकी किराया राशि लाखों में पहुंच गई है। निगम कई बार इन्हें नोटिस भी जारी कर चुका है, लेकिन इन पर असर नहीं हो रहा। आने वाले दिनों में निगम प्रशासन इनके बिजली और पानी काटने की तैयारी कर रहा है।
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कोट
बिल जारी करने की करेंगे व्यवस्था : डॉ. नीरज
नगर निगम के कार्यकारी संयुक्त आयुक्त डॉ. नीरज मोहन का कहना है कि कई कर्मचारी चुनाव ड्यूटी पर हैं। जल्द ही बिल जारी करने की व्यवस्था की जाएगी।
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साॅफ्टवेयर अधूरा, ऑनलाइन भुगतान की सुविधा भी अभी नहीं मिलेगी
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में नगर निगम की 1,100 से ज्यादा दुकानों और अन्य संपत्तियों के किराया बिल अब जून में ही जारी हो पाएंगे। इसके अलावा बिलों के ऑनलाइन भुगतान की सुविधा भी अभी नहीं मिलेगी। साॅफ्टवेयर तैयार न होने और कर्मचारियों की चुनाव ड्यूटी के कारण बिल जारी करने की प्रक्रिया अटक गई है।
शहर में नगर निगम की 1,300 से ज्यादा संपत्तियां हैं जो किराये पर दी गई हैं। इनमें ज्यादातर दुकानें हैं। इसके अलावा जमीन और कई भवन भी किराये पर दिए गए हैं। निगम की संपदा शाखा हर साल अप्रैल से इन्हें किराये के बिल जारी करती है। इस बार यह प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई है। शाखा में स्टाफ की कमी है जो कर्मचारी यहां बचे हैं, उनमें भी कई चुनाव ड्यूटी पर हैं। ये जून में ही लौटेंगे। हालांकि, जो कारोबारी बिल देना चाहते हैं, उनके लिए संपदा शाखा में सुविधा दी जा रही है। इसके लिए कारोबारियों को यहां आकर बिल लेना पड़ेगा। निगम ने अप्रैल से किराया बिल जारी करने और इसके भुगतान की ऑनलाइन सुविधा शुरू करने का भी दावा किया था, लेकिन इसका सॉफ्टवेयर भी अभी पूरी तरह से तैयार नहीं हो पाया है। ऐसे में कारोबारियों को कैश काउंटर पर जाकर ही बिलों का भुगतान करना होगा। निगम प्रशासन का कहना है कि ऑनलाइन भुगतान के लिए साॅफ्टवेयर तैयार किया जा रहा है। जल्द ही इसकी सुविधा दी जाएगी।
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डिफाल्टर नहीं दे रहे बिल, लाखों में पहुंची राशि
शहर में सैकड़ों कारोबारी ऐसे भी हैं जिन्होंने पिछले कई साल से दुकानों का किराया नहीं दिया है। इनकी किराया राशि लाखों में पहुंच गई है। निगम कई बार इन्हें नोटिस भी जारी कर चुका है, लेकिन इन पर असर नहीं हो रहा। आने वाले दिनों में निगम प्रशासन इनके बिजली और पानी काटने की तैयारी कर रहा है।
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बिल जारी करने की करेंगे व्यवस्था : डॉ. नीरज
नगर निगम के कार्यकारी संयुक्त आयुक्त डॉ. नीरज मोहन का कहना है कि कई कर्मचारी चुनाव ड्यूटी पर हैं। जल्द ही बिल जारी करने की व्यवस्था की जाएगी।