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केंद्रीय भूतल एवं परिवहन मंत्रालय से 700 रूटों पर नहीं हुआ समझौता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Updated Sat, 20 Oct 2018 12:05 PM IST
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प्रदेश सरकार और केंद्रीय भूतल एवं परिवहन मंत्रालय के बीच समझौता रिन्यू न होने के कारण 700 रूटों का नवीकरण नहीं हो पाया है। वर्ष 2002-03 में हिमाचल सरकार और केंद्र के बीच समझौते के तहत आज दिन तक हिमाचल पथ परिवहन निगम की बसें चलाई जा रही हैं। इस बीच इन रूटों पर न तो कोई नया रूट शुरू किया गया और न ही समझौता हो पाया है।
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उल्लेखनीय है कि बस रूटों के समझौते को लेकर पड़ोसी राज्य पंजाब, हरियाणा और उत्तराखंड के बीच समय-समय पर मसला सुलझाया जाता रहा है, ताकि रूटों को लेकर कोई विवाद न हो। इन राज्यों में हिमाचल पथ परिवहन निगम की बसों के रूट समय समय पर जरूरत के अनुसार बढ़ाए जाते रहे हैं और उन राज्यों से भी बराबर बस सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही है। केंद्र के साथ वर्ष 2002 के बाद से समझौते का नवीनीकरण नहीं हो पाया है।
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लिहाजा, जरूरत के अनुसार बस रूटों को नहीं बढ़ाया जा सका। वर्तमान में एचआरटीसी के करीब 700 रूटों पर बसें भेजी जा रही हैं, जबकि मौजूदा जरूरत को देखते हुए यह रूट बढ़ाए जाने थे। एचआरटीसी के करीब 3600 रूटों पर अपनी बसें सेवाएं उपलब्ध करा रहा है। यह बस रूट नेशनल हाइवे, स्टेट हाइवे और ग्रामीण रूटों से होकर भेजी जा रही है।
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