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नियोक्ताओं को राहत, ईपीएफ जमा में देरी पर नहीं होगा जुर्माना
Mon, 18 May 2020 03:53 PM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला नेटवर्क, कुल्लू
अमर उजाला नेटवर्क, कुल्लू
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Mon, 18 May 2020 03:53 PM IST
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- फोटो : सोशल मीडिया
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ईपीएफ जमा में देरी के लिए अब जुर्माना नहीं लिया जाएगा। नियोक्ताओं को ईपीएफओ ने राहत दी है। मौजूदा नियमों के तहत कंपनियों को कर्मचारियों के ईपीएफ का भुगतान 15 तारीख या उससे पहले जमा करवाना पड़ता था। ऐसा नहीं करने पर जुर्माना लिया जाता था। अब ऐसी सभी कंपनियों के लिए राहत भरी खबर है।
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प्रदेश कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के क्षेत्रीय आयुक्त सुदर्शन कुमार ने कहा कि ईपीएफओ ने लॉकडाउन के दौरान भविष्य निधि बकाया जमा करने में देरी के लिए नियोक्ताओं को दंडित नहीं करने का फैसला किया है। लॉकडाउन के दौरान किसी भी अवधि के लिए योगदान या प्रशासनिक शुल्क समय पर जमा करने में प्रतिष्ठानों की कठिनाई को ध्यान में रखते हुए ईपीएफओ ने फैसला किया है कि परिचालन या आर्थिक कारणों से होने वाली देरी को डिफॉल्ट नहीं माना जाएगा।
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इसके लिए दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी। कहा कि कोरोना संकट में फर्म सामान्य रूप से काम करने में असमर्थ हैं। समय पर वैधानिक योगदान का भुगतान करने में देरी हो रही है। हालांकि, इस कदम से लगभग 650,000 प्रतिष्ठानों के लिए अनुपालन मानदंड में कमी आएगी। यह कदम कंपनियों को पूर्ण लचीलापन देगा। कंपनियों को देरी के कारण पेनल्टी के रूप में देय अतिरिक्त राशि के भुगतान से भी निजात मिलेगी।
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