फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   red tape carry bag rs 10 consumer court fine shimla

हिमाचल प्रदेश : कैरी बैग के 10 रुपये लेना रेड टेप को पड़ा भारी, उपभोक्ता आयोग ने लगाया 24 हजार रुपये जुर्माना

Tue, 25 Aug 2026 09:48 AM IST
Ankesh Dogra रुचि सांख्यान, शिमला।
रुचि सांख्यान, शिमला। Published by: Ankesh Dogra Updated Tue, 25 Aug 2026 09:48 AM IST
सार

शिमला के मालरोड स्थित रेड टेप स्टोर में सामान खरीदने के बाद कैरी बैग के लिए 10 रुपये अतिरिक्त वसूलने के मामलों में जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने कड़ा फैसला सुनाया है। आयोग ने तीन मामलों में स्टोर को कैरी बैग के लिए ली गई राशि लौटाने और उपभोक्ताओं को मानसिक प्रताड़ना व मुकदमा खर्च के लिए कुल 24 हजार रुपये देने के आदेश दिए हैं। आयोग ने कंपनी के नाम और लोगो वाले बैग के लिए शुल्क वसूलने को अनुचित व्यापार प्रथा माना।

विज्ञापन
red tape carry bag rs 10 consumer court fine shimla
कैरी बैग के 10 रुपये लेने पड़े भारी। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

राजधानी के मालरोड स्थित रेड टेप स्टोर में सामान खरीदने के बाद कैरी बैग के नाम पर ग्राहकों से अतिरिक्त पैसे वसूलने वाले शोरूम संचालकों को जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने बड़ा झटका दिया है। स्टोर से ट्रंक्स (अंडरवियर) और जींस खरीदने के बाद कैरी बैग के लिए अतिरिक्त दस रुपये वसूलने के मामले में आयोग ने कड़ा संज्ञान लिया है। आयोग ने इसे सेवा में कमी और अनुचित व्यापार प्रथा मानते हुए तीन मामलों में रेड टेप को दस रुपये रिफंड करने के साथ उपभोक्ताओं को मानसिक प्रताड़ना और मुकदमा खर्च के एवज में 24 हजार रुपये देने के आदेश दिए हैं।

विज्ञापन


मंडी निवासी शिकायतकर्ता सुभाष चंद्र, शिमला निवासी अनिल ठाकुर और गौरव कुमार ने आयोग में शिकायत दर्ज करवाई थी। 13 अगस्त 2025 को सुभाष चंद्र और अनिल ठाकुर ने मालरोड स्थित रेड टेप स्टोर से 458 रुपये और 431 रुपये की छूट दर पर एक-एक रेड टेप ट्रंक्स खरीदे थे। वहीं 14 अप्रैल 2025 को गौरव कुमार ने रेड टेप स्टोर से शर्ट और जींस खरीदी थी। बिलिंग काउंटर पर कर्मचारियों ने उपभोक्ताओं को कैरी बैग दिया था। उपभोक्ताओं को लगा कि यह मुफ्त दिया जा रहा है, लेकिन बिल देखने पर पता चला कि इसके लिए दस रुपये अतिरिक्त जोड़े थे। उपभोक्ताओं ने जब इसका विरोध किया और पैसे वापस मांगे तो कर्मचारी ने बिल में प्रविष्टि होने का हवाला देकर पैसे लौटाने से इन्कार कर दिया था।

विज्ञापन

सुनवाई के दौरान स्टोर की ओर से तर्क दिया कि पर्यावरण संरक्षण और पेड़ों की कटाई रोकने के उद्देश्य से कैरी बैग का शुल्क लिया जाता है और ग्राहकों के लिए इसे खरीदना अनिवार्य नहीं है। हालांकि आयोग के अध्यक्ष डॉ. बलदेव सिंह और सदस्य निधि शर्मा की खंडपीठ ने राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग के निर्देशों का हवाला देते हुए इस तर्क को पूरी तरह खारिज कर दिया।

आयोग ने पाया कि रेड टेप द्वारा दिए बैग पर कंपनी का नाम और गो ग्रीन का लोगो छपा हुआ था। नियमों के मुताबिक यदि कंपनी अपने नाम, लोगो या विज्ञापन वाला बैग देती है तो उसका कोई शुल्क नहीं लिया जा सकता। ऐसा बैग ग्राहक को मुफ्त देना होगा। सेल ऑफ गुड्स एक्ट का हवाला देते हुए आयोग ने स्पष्ट किया कि बेचे गए सामान को ग्राहक को उचित स्थिति में सौंपना विक्रेता की जिम्मेदारी है। उपभोक्ता आयोग ने रेड टेप आउटलेट को 45 दिन के भीतर आदेश का पालन करने के निर्देश दिए हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed