फिर अटकी पूर्व बागवानी मंत्री सिंघी राम से रिकवरी
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पूर्व बागवानी मंत्री सिंघी राम से रिकवरी मामले की प्रक्रिया फिर अटक गई है। हिमाचल प्रदेश बागवानी उत्पाद विपणन एवं विधायन निगम (एचपीएमसी) ने रिकवरी प्रक्रिया शुरू करने के बजाय सरकार को पत्र लिखकर पूछा है कि कितनी धनराशि रिकवर की जाए। जयराम मंत्रिमंडल ने सिंघी राम से सरकार की मंजूरी के बगैर विदेश यात्रा करने के आरोप में सरकारी पैसा रिकवर करने का फैसला लिया है।
सरकारी खर्च पर करीब 12 साल पहले तीन देशों जर्मनी, इटली और दुबई के दौरे पर गए तत्कालीन बागवानी मंत्री सिंघी राम को एचपीएमसी के अधिकारियों ने अलग-अलग रिकवरी नोटिस दिए थे। 29 जुलाई 2015 को एचपीएमसी केे तत्कालीन एमडी जेसी शर्मा नेे सिंघी राम को 76,990 रुपये और 26 अप्रैल 2018 को जीएम सुरेंद्र माल्टू ने 3,64,965 रुपये के रिकवरी नोटिस दिए थे।
जयराम सरकार ने एचपीएमसी अधिकारियों के अलग-अलग रिकवरी दावों पर जांच बैठा दी थी। हाल ही में धर्मशाला में शीत सत्र के दौरान कैबिनेट बैठक में जयराम सरकार ने निर्णय लिया था कि पूर्व मंत्री से खर्च सरकारी धनराशि की रिकवरी की जाए। दूसरी ओर सिंघी राम इस मामले को अपने खिलाफ राजनीतिक प्रताड़ना से उठाया कदम बता चुके हैं। वह तत्कालीन मंत्री होने के नाते इस तरह के विदेश दौरे के लिए खुद को पात्र बता रहे हैं।
कितना पैसा रिकवर करना है, यह स्पष्ट : महेंद्र सिंह
बागवानी मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने सोमवार को कहा कि यह एक दशक पुराना मामला है। इसमें कोई राजनीतिक प्रताड़ना नहीं हो रही है। अधिकारियों को यह पहले ही बता दिया गया है कि कितनी धनराशि की रिकवरी की जानी है। अभी वह ऑफ हैंड नहीं बता पाएंगे। एचपीएमसी की ओर से सरकार को लिखे पत्र से उन्होंने अनभिज्ञता जताई। उन्होंने कहा कि राज्य मंत्रिमंडल ने रिकवरी का फैसला लिया है।