केलांग में 1955 के बाद दूसरी बार रिकॉर्ड बर्फबारी, माइनस में गया पारा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति में 1955 के बाद सितंबर महीने में दूसरी बार रिकार्ड बर्फबारी हुई है। भारी बर्फबारी से घाटी में पारा माइनस डिग्री में पहुंच गया है। हाड़ कंपा देने वाली ठंड के बीच केलांग से सरचू तक जगह-जगह देशी-विदेशी पर्यटक, बौद्ध भिक्षु और आईआईटी के छात्र फंस गए हैं।
घाटी में करीब 300 लोग फंसे हुए हैं। सितंबर महीने में हुई भारी बर्फबारी को देखते हुए स्थानीय लोगों ने प्रदेश और केंद्र सरकार से इसे राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग की है।
घाटी में भारी बर्फबारी से इंटरनेट के साथ बीएसएनएल सेवा बंद पड़ी है। इस कारण यहां फंसे पर्यटकों से संपर्क करना प्रशासन और परिजनों के लिए परेशानी बन गया है। एसडीएम केलांग को बीआरओ के अधिकारियों ने सूचना दी है कि घाटी में विभिन्न जगह पर्यटकों के साथ करीब 300 लोग फंसे हैं।
रोहतांग में आठ फीट तक बर्फबारी
बातल से छतडू और चंद्रताल क्षेत्र में आईआईटी मंडी के छात्रों के साथ करीब 50 पर्यटक फंसे होने की सूचना है। कोकसर में 125, केलांग में 150, उदयपुर तथा दारचा में भी कई पर्यटक फंस गए हैं।
सोमवार से बीआरओ ने रोहतांग दर्रे को बहाल करना था, लेकिन भारी बर्फबारी के चलते बर्फ हटाने का काम शुरू नहीं हो सका। सोमवार शाम तक रोहतांग में 240 सेंटीमीटर, कोकसर में 180 सेंटीमीटर, केलांग में 120 तथा उदयपुर में 90 तथा दारचा में 150 सेंटीमीटर बर्फ रिकार्ड की गई है।
उधर, कार्यकारी उपायुक्त एवं एसडीएम केलांग अमर नेगी ने कहा कि घाटी में फंसे पर्यटकों और मजदूरों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस, आपदा प्रबंधन की टीमों को अलर्ट पर रखा गया है।