फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   recomodation of making small power projects in hill states in Himalayan States Conclave

पहाड़ी राज्यों में छोटे बिजली प्रोजेक्ट बनाने की वकालत, हिमालयी राज्यों के सम्मेलन में मंथन

Sun, 07 Oct 2018 10:51 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Updated Sun, 07 Oct 2018 10:51 AM IST
विज्ञापन
recomodation of making small power projects in hill states in Himalayan States Conclave

देश के पहाड़ी राज्यों में छोटे बिजली प्रोजेक्ट लगाने की जोरदार वकालत की जा रही है, ताकि हिमालयी क्षेत्रों का सतत विकास हो सके। दलील दी जा रही है कि लघु बिजली परियोजनाओं से पर्यावरण संतुलन बना रहेगा और प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान से बचा जा सकता है। 

विज्ञापन


हिमालयी क्षेत्रों में सतत विकास की भी पैरवी की जा रही है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने स्पष्ट कर दिया है कि हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्य में भी लघु बिजली प्रोजेक्टों की व्यापक संभावनाएं हैं और उनकी सरकार भी छोटे पन बिजली प्रोजेक्टों के लिए निवेशकों को प्रोत्साहित कर रही है।
विज्ञापन


प्रदेश में करीब आठ हजार मेगावाट बिजली उत्पादन की क्षमता मौजूद है। प्रदेश में लघु बिजली प्रोजेक्ट लंबे समय से लटके हुए थे और इन पर काम करने के लिए नए सिरे से बातचीत हो रही है।  

विज्ञापन
विज्ञापन

इतने मेगावाट तक के बिजली प्रोजेक्ट बनाने की सिफारिश

recomodation of making small power projects in hill states in Himalayan States Conclave

राजधानी शिमला के पीटरहाफ में हाल ही में आयोजित हिमालयी राज्यों के कनक्लेव में प्रमुख वक्ताओं के विचार मंथन के बाद एक अहम बात यह उभर कर सामने आई कि पहाड़ों में दस मेगावाट तक के बिजली प्रोजेक्ट बनाने पर ध्यान केंद्रित किया जाए।

पहाड़ों में भले ही बड़े पन बिजली प्रोजेक्ट तैयार कर दिए गए हैं, लेकिन इससे पर्यावरण पर भी विपरीत असर पड़ रहा है और साथ ही लोगों को अपनी जमीन और खेतों से बेदखल होना पड़ रहा है।

पहाड़ों में छोटे बिजली प्रोजेक्टों की पैरवी इसलिए की जा रही है, क्योंकि इनसे पहाड़ों के ज्यादा लोगों को विस्थापित नहीं होना पड़ेगा और न ही पहाड़ों के पर्यावरण को नुकसान उठाना पड़ेगा। जम्मू-कश्मीर के वन सचिव मनोज द्विवेदी ने कहा कि पहाड़ों की चुनौतियां और समस्याएं समान हैं।

इसलिए छोटे बिजली प्रोजेक्टों पर ध्यान देना चाहिए। जहां तक संभव हो दस मेगावाट से नीचे की क्षमता वाले बिजली प्रोजेक्टों का निर्माण पहाड़ों में हो। इससे पहाड़ों में भूस्खलन, बाढ़ और अन्य समस्याओं से भी निजात मिलेगी।

उन्होंने सुझाव दिया कि पहाड़ों में लघु बिजली परियोजनाओं पर ध्यान देना जरूरी है। इस दिशा में उत्तराखंड के सांसद और पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल ने लघु प्रोजेक्टों को बढ़ावा दिया था। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed