ग्रामीण क्षेत्र के होटल कारोबारियों को सरकार का बड़ा तोहफा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने ग्रामीण क्षेत्र के होटलों को लग्जरी टैक्स से छूट देने की घोषणा कर दी है। शनिवार को इस संबंध में नोटिफिकेशन भी जारी हो गई। इस टैक्स से छूट मिलने से शहरों की अपेक्षा ग्रामीण इलाकों में किराये में दस प्रतिशत की कमी आएगी। हालांकि यह छूट केवल उन्हीं होटलों को मिलेगी जो 1 अप्रैल 2014 के बाद शुरू हुए हैं। पर्यटकों
से अब तक अनछुए रहे प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में सैलानियों की आमद बढ़ाने के उद्देश्य से सरकार ने इन इलाकों में बनने वाले होटलों को लग्जरी टैक्स से छूट देने की घोषणा की है। इसके तहत 1 अप्रैल 2014 के बाद शुरू हुए होटलों को आने वाले दस सालों के लिए आबकारी एवं कराधान विभाग को लग्जरी टैक्स नहीं चुकाना पड़ेगा। इससे एक ओर जहां ग्रामीण इलाकों में होटल इंडस्ट्री को बढ़ावा मिलेगा।
केवल ग्रामीण इलाकों के होटलों पर ही मिलेगी सुविधा
वहीं, ग्रामीण इलाकों में भी लोगों को टूरिज्म से अपनी सांस्कृतिक विरासत को नए मुकाम पर पहुंचाने में मदद मिलेगी। अभी तक प्रदेशभर के होटलों को अपनी हर रूम की बुकिंग पर रूम रेंट का दस प्रतिशत बतौर लग्जरी टैक्स जमा कराना होता था। अब टैक्स में छूट मिलने का सीधा असर सैलानियों की जेब पर पड़ेगा। पहले सैलानियों को जो कमरा ग्यारह सौ रुपये में मिलता था, उसी कमरे के लिए अब उन्हें हजार रुपये ही चुकाने होंगे। हालांकि यह सुविधा केवल ग्रामीण इलाकों के होटलों पर ही मिलेगी।
ग्रामीण इलाकों में होटलों को बढ़ावा देने और वहां टूरिस्टों को पहुंचाने के उद्देश्य से सरकार ने यह कदम उठाया है। इस छूट को लेने के लिए होटल प्रबंधनों को आबकारी एवं कराधान विभाग में तय फार्मेट में अपना आवेदन करना होगा। इसके बाद हिमाचल प्रदेश टैक्स ऑन लग्जरीज (इन होटल एंड लाजिंग हाउसेज) एक्ट 1979 के तहत इन होटलों की परिधि का निर्धारण होने के बाद छूट पर निर्णय लिया जाएगा।