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शिमला शहर में और बढ़ सकता है पेयजल संकट, ये है बड़ा कारण
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Fri, 21 Apr 2017 11:19 AM IST
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गर्मियों की दस्तक के साथ ही शहर को पेयजल आपूर्ति करने वाले पेयजल योजनाओं के अलावा दूसरे पानी के स्रोत सूखने लग गए हैं। इससे राजधानी में आने वाले दिनों में जल संकट खड़ा हो सकता है। राजधानी को सबसे ज्यादा पानी की आपूर्ति करने वाली गुम्मा परियोजना में एक एमएलडी तक पानी सूख गया है।
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अगर इसी रफ्तार से शहर को आपूर्ति करने वाले स्रोतों में पानी सूखता गया तो जल्द राजधानी शिमला शहर में पेयजल संकट गहराने वाला है। शिमला शहर को तीन बड़ी परियोजनाएं पानी की आपूर्ति करती हैं। इसमें सबसे बड़ी अंग्रेजों के जमाने की लगाई गई गुम्मा परियोजना है।
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इसके साथ दूसरी बड़ी गिरी परियोजना है। जिसकी हाल ही मरम्मत करवाई गई है। तीसरी अश्विनी परियोजना है। इसे दूषित पानी के कारण बंद कर दिया गया है। नगर निगम शिमला ने राशनिंग कर रखी है। गिरी परियोजना की मरम्मत के दौरान शहर के लोगों को पांचवें दिन पीने के पानी की आपूर्ति होती थी।
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मौजूदा समय में शिमला शहर को पानी की आपूर्ति करने वाली दो ही बड़ी परियोजनाएं हैं। अगर गुम्मा और गिरी परियोजना में पानी सूखता गया तो हाल ही में जल संकट से उभरे शहर के लोगों को एक बार फिर पेयजल संकट से जूझना पड़ सकता है।
गुम्मा खड्ड में सूखा एक एमएलडी पानी
नगर निगम शिमला के अधिशासी अभियंता राजेश कश्यप ने बताया कि गुम्मा परियोजना के पेयजल स्रोत में गर्मियों के कारण एक एमएलडी पानी सूख गया हैं।