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विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष रामदास मलांगड़ नहीं रहे
ब्यूरो/अमर उजाला, लठियाणी (ऊना)
Updated Fri, 28 Aug 2015 11:23 PM IST
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पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष एवं पूर्व विधायक रामदास मलांगड़ का दिल का दौरा पड़ने से शुक्रवार को निधन हो गया। पैतृक गांव मलांगड़ में ही राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। बंगाणा पुलिस ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। शुक्रवार सुबह करीब नौ बजे रामदास मलांगड़ की छाती में दर्द उठा। परिजन क्षेत्रीय अस्पताल ले गए। करीब सवा दस बजे उनकी मृत्यु हो गई।
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66 वर्षीय रामदास मलांगड़ का राजनीतिक कार्यकाल 1971 में बतौर पंचायत प्रधान से शुरू हुआ था। शुरू से ही जनता दल पार्टी को समर्थन देते रहे। कुटलैहड़ के जनता दल के तेजतर्रार नेता स्व. वेद रत्न आर्य से कंधे से कंधा मिलाकर कुटलैहड़ में पार्टी को मजबूत करते रहे। तीन बार लगातार पंचायत प्रधान बनने के बाद 1993 में पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल के नेतृत्व में कुटलैहड़ से भाजपा टिकट पर चुनाव लड़ा। पहली बार भाजपा विधायक के रूप में 1620 मतों से जीते।
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धूमल के करीबी होने के कारण 1998 में दूसरी बार कुटलैहड़ से भाजपा टिकट पर चुनाव लड़ा और कांग्रेस प्रत्याशी कुटलैहड़ के राजा महिंद्र सिंह पाल को मात्र तीन वोट से हराया। प्रदेश में हिविकां-भाजपा गठबंधन की सरकार बनी। धूमल मुख्यमंत्री और रामदास मलांगड़ विस उपाध्यक्ष बने। उसके बाद कुटलैहड़ से रामदास मलांगड़ का टिकट काटा गया और वीरेंद्र कंवर ने भाजपा टिकट से चुनाव लड़ा।
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तीसरी बार रामदास मलांगड़ ने आजाद उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा। करीब 5000 मतों से चुनाव हारे। उसके बाद प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनी और रामदास मलांगड़ ने कांग्रेस पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली। 2012 में उन्होंने कुटलैहड़ से कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा। वह करीब 1700 वोटों से पराजित हुए। रामदास मलांगड़ ने वीरवार को पूरा दिन लोगों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने विकास कार्यों के बारे में भी अधिकारियों से चर्चा की। रामदास मलांगड़ के दो बेटे और एक बेटी हैं।
मलांगड़ की ईमानदारी के कायल वीरभद्र
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि रामदास मलांगड़ एक स्वच्छ छवि के ईमानदार नेता थे। वे हमेशा अपने विस क्षेत्र की समस्याओं को सुलझाने के लिए प्रयासरत रहते थे। ऐसी स्वच्छ छवि होने पर मैं उनका कायल था। कुटलैहड़ में रामदास मलांगड़ की भरपाई नहीं हो सकती। मुझे उनकी अचानक हुई मृत्यु पर गहरा दुख है। भगवान उनकी आत्मा को शांति दे।
मेरे अच्छे दोस्तों में से थे मलांगड़ : धूमल
पूर्व मुख्यमंत्री प्रो. प्रेम कुमार धूमल ने कहा कि कुटलैहड़ विस क्षेत्र के दो बार भाजपा विधायक रहे रामदास मलांगड़ उनके अच्छे दोस्तों में से एक थे। दस वर्ष हमने शिमला के विधानसभा परिसर में इकट्ठे बिताए हैं। उनकी अचानक हुई मौत पर मुझे बेहद दुख है। भगवान उनकी आत्मा को शांति प्रदान करे।